छपार। नेशनल हाईवे पर बढेड़ी गांव के पास पांच हथियारबंद बदमाशों ने कार लूट ली। तीन युवकों के हाथ-पैर बांधकर ईंख के खेत में फेंककर फरार हो गए। बंधनमुक्त होकर पुलिस को वारदात बताई। पुलिस ने बदमाशों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित नोएडा की आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
देहरादून निवासी शैलेज, अर्पित और बिहार में पटना निवासी आनंद नोएडा की आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। तीनों दोस्त एक साथ फ्लैट में रह रहे हैं। दो दिन पहले आई-20 कार से ऋषिकेश घूमने गए थे। एनएच-58 से वापस लौटते हुए आंनद गाड़ी चला रहा था।
सुबह करीब सात बजे छपार क्षेत्र के बढेड़ी के पास गाड़ी में पंचर हो गया। कार को साइड में खड़ी कर टायर बदलने के लिए गाड़ी से जेक निकाला तो वह खराब मिला। इस पर युवक लिफ्ट लेने के लिए खड़े हो गए। हरिद्वार की तरफ से सेंट्रो कार आकर रुकी।
कार सवार पांच लोगों ने जेक दे दिया। नोएडा के युवक टायर बदलने लगे। इस दौरान सेंट्रो से आए बदमाशों ने हथियार निकालकर तान दिए। मारने की धमकी देकर आई-20 कार, नकदी और मोबाइल लूट लिए। तीनों दोस्तों के हाथ-पैर बांधकर पास में ईंख के खेत में डाल गए।
इस दौरान देखा गया कि चार बदमाश लूटी गई कार को मेरठ की तरफ लेकर फरार हो गए, जबकि एक बदमाश सेंट्रो ले गया। बदमाशों के जाने के बाद युवक किसी तरह बंधनमुक्त हुए। आनंद की तरफ से तहरीर दी गई है, जिसमें कार, हजारों की नकदी और मोबाइल लूटे जाने की बात कही गई है। घटना से पुलिस में खलबली मच गई। आला अफसरों को वारदात की जानकारी दी गई।
पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में कांबिंग की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। दिनभर क्षेत्र के चेकिंग के बाद बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। एसओ भानु प्रताप का कहना है कि लुटेरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
दस दिन पहले हुई वारदात नहीं खुली
छपार। पुलिस लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को जल्द पकड़ने का दावा कर रही है, लेकिन पुलिस बदमाशों को पकड़ पाने में नाकाम नजर आ रही है। दस दिन पहले बढेड़ी में हुई डकैती की वारदात का खुलासा नहीं कर पाई है। माना जा रहा है कि लगातार सक्रिय बदमाश फिर किसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।