किशोरी को अगवा कर गैंगरेप करने के जुर्म में कोर्ट ने तीन युवकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। युवकों की मदद करने की दोषी महिला को कोर्ट ने दस साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने चारों पर 31 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। साथ ही आदेश दिए कि जुर्माने की धनराशि पीड़िता को दी जाए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सिखेड़ा पर क्षेत्र के एक गांव के ग्रामीण ने सात जनवरी 2008 को नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू की, तो किशोरी इनाम पुत्र नसीम, नौशाद पुत्र इलियास, आन मौहम्मद पुत्र शानू तथा कविता पत्नि विजय पाल निवासीगण बिहारी के कब्जे बरामद की गई थी।
किशोरी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर बयान कराया गया। बयान के आधार पर मुकदमा अपहरण कर गैंगरेप में परिवर्तित हो गया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश भारद्वाज की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इनाम ईलाही त्यागी ने कोर्ट में 10 गवाह और सुबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सभी अभियुक्त को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने तीनों युवकों को गैंगरेप में आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 363 में सात-सात साल के कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 में कविता समेत चारों को दस-दस साल के कारावास और ढाई ढाई हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।