मीरापुर क्षेत्र के मुझेड़ा के जंगल में आम के बाग में शनिवार रात बदमाशों ने बाग ठेकेदार की गोली मारकर हत्या कर दी। सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप व इंस्पेक्टर मीरापुर ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली। अभी तक हत्या का कारण ज्ञात नहीं हो सका। मृतक के छोटे भाई फरमान ने अज्ञात हत्यारों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव बसीकलां निवासी 42 वर्षीय अबरार खां पुत्र इकबाल खां ने मीरापुर के निकट मुझेड़ा के जंगल में एक आम का बाग ठेके पर ले रखा है। यह बाग कूकड़ा निवासी चंद्रवीर सिंह का बताया गया। शनिवार देर रात करीब 11.30 बजे तीन बदमाश बाग में पहुंचे।
बदमाशों ने वहां जाग रहे एक व्यक्ति लीलू को तमंचे के बल पर कब्जे में ले लिया। बदमाशों ने लीलू से अबरार के बारे में जानकारी ली। अबरार उस समय अपनी चारपाई पर सो रहा था। दो बदमाशों ने लीलू को कब्जे में रखा और एक बदमाश ने चारपाई पर सो रहे अबरार के सिर में गोली मार कर उसकी हत्या कर दी।
वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए। इसी दौरान वहां सो रहे शाहवेज आदि भी जाग गए। शोर शराबा हुआ तो बाग में दूसरी जगह सो रहे लोग भी मौके पर आ गए। तुरंत ही घटना की जानकारी अबरार के परिजनों और पुलिस को दी गई। सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप, इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे।
सभी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बाग में मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने रात में ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अबरार के भाई फरमान खान ने अज्ञात लोगों के विरुद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। घटना से क्षेत्र के बाग वालों में दहशत बनी हुई है। मीरापुर इंस्पेक्टर का कहना है कि पुलिस मामले की छानबीन में लगी है।
हत्या ही करने आए थे बदमाश
बाग ठेकेदार अबरार की हत्या का कारण अभी तक ज्ञात नहीं हुआ है। बावजूद पुलिस का अनुमान है कि उसकी रंजिशन हत्या की गई थी। बदमाशों ने बाग में आकर एक व्यक्ति को गन प्वाइंट पर लेकर उससे अबरार के बारे में पूछा। जब पता चला कि अबरार चारपाई पर सो रहा है, तो बदमाशों ने उसके सिर में तमंचा सटा कर गोली मार कर हत्या कर दी।
बदमाश उसकी हत्या कर आराम से फरार हो गए। जबकि उसकी जेब में 59 हजार रुपये, एक पेन कार्ड, आधार कार्ड, एटीएम आदि भी रखे हुए थे। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि बदमाश केवल अबरार की हत्या करने के इरादे से ही आए थे।