मुजफ्फरनगर के खतौली में रेलवे फाटक के पास से शुक्रवार की रात कार में बैठी पांच साल की बच्ची का बदमाश ने अपहरण कर लिया। पुलिस और लोगों ने घेराबंदी करके बदमाश को पकड़ लिया। पुलिस ने बच्ची बरामद कर बदमाश को जेल भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि बदमाश नशे का आदी है। संभवत: उसने इस बच्ची का बेचने के इरादे से अपहरण किया था।
गाजियाबाद जिले के लोनी स्थित खन्नानगर निवासी दिलशाद परिवार और लोनी के कीर्तिनगर निवासी मित्र संजय के साथ शुक्रवार को अपने छोटे भाई की ससुराल बघरा में गया था। शुक्रवार रात करीब 11 बजे करीब दिलशाद अपने दोस्त संजय के बीमार फूफा को देखने के लिए खतौली के मोहल्ला विष्णुपुरी में पहुंचे। दिलशाद ने अपनी कार को रेलवे ओवरब्रिज के नीचे फाटक के पास खड़ी कर दी। कार से उतरकर सभी लोग संजय के घर चले गए। दिलशाद की पांच साल की बेटी आलिया कार में ही बैठी रह गई। इसी दौरान एक बदमाश कार के पास पहुंचा। वह बदमाश कार से आलिया को उठाकर भाग निकला। दिलशाद और संजय वापस आलिया को लेने के लिए कार के पास पहुंचे। इन दोनों ने बच्ची की चीख सुन ली। बच्ची की आवाज सुनकर संजय बदमाश के पीछे दौड़ा। मोहल्ले के लोगों ने बच्ची के अपहरण की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस व लोगों ने काफी प्रयास के बाद बदमाश को पकड़ लिया। बच्ची के सकुशल बरामद होने पर पुलिस और रोगों ने राहत की सांस ली। बच्ची के मिलने की खबर पाकर परिवार के लोग काफी खुश हो गए। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को अपना नाम गांव अतरपुरा निवासी अर्जुन पुत्र ऋषिपाल बताया। पुलिस ने पीड़ित दिलशाद की ओर से बदमाश के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्जकर उसको जेल भेज दिया है।
घटना के संबंध में इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि बदमाश नशे का आदी है। पकड़े जाने के दौरान भी उसने नशा किया हुआ था। उन्होंने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर भी बदमाश कुछ बताने का तैयार नहीं है। संभवत: उसने बच्ची को बेचने के लिए कार से उठाया था। पकडे़ गए आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।