जेल से गाजियाबाद की महिला को फोन करने के मामले में जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने जांच शुुरू कर दी है। अधीक्षक ने बुधवार को आरोपी बंदी महिला के बयान लिए। महिला ने अपने बच्चों की कसम खाते हुए कहा कि उसने किसी को कॉल नहीं की। उसे दूसरी जेल में भिजवाने के लिए साजिश रची जा रही है। मामले में जेलर और अन्य स्टाफ के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बुधवार को कारागार के भीतर महिला बंदी के बयान लिए। बंदी पर आरोप है कि उसने गाजियाबाद निवासी एक महिला से फोन पर बात कर सुपारी किलर की व्यवस्था करने के लिए कहा है। मेरठ एसटीएफ ने फोन को ट्रेस कर आईजी मेरठ को मामले की जानकारी दी थी। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। जेल अधीक्षक को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए।
बुधवार को लखनऊ से लौटे जेल अधीक्षक ने बंदी महिला से पूछताछ की। सूत्रों की माने तो महिला बंदी ने अपने बच्चों की कसम खाते हुए कहा कि उसने किसी को कोई कॉल नहीं की। उसे दूसरे जिले में भिजवाने के लिए उसके विरोधी साजिश रच रहे हैं। अगर ऐसी कोई कॉल रिकार्ड की गई है तो उसकी वॉइस की जांच कराई जाए। महिला बंदी से पूछताछ के बाद जेलर, महिला बंदी रक्षकों और अन्य कर्मियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। मामले को लेकर जेल में अफरा-तफरी मची हुई है।
पहले भी जेल से होती रही हैं कॉल
जिला कारागार में महिला बंदी के फोन करने की बात कोई नई नहीं है, इससे पहले भी कई शातिरों ने जेल से फोन कर अपराध कराए हैं। खतौली का पेंट व्यवसायी, मंसूरपुर का सराफ हो या फिर मेरठ का चिकित्सक, इन सभी से मांगी जाने वाली रंगदारी के फोन जेल से ही संचालित मिले थे। एसपी सिटी संतोष कुमार ने जेल में छापा मारकर एक ही कंपनी के 22 फोन और सैकड़ों सिम बरामद किए थे। पकड़े गए अधिकतर सिम फर्जी आईडी पर चलते पाए गए थे। जैमर लगने के बाद भी फोन का संचालन जेल में बंद नहीं हो पा रहा है।
पूर्वांचल की जेल में भेजने की तैयारी
महिला बंदी पर आरोप सही साबित हुए तो उसे पूर्वांचल की जेल की सैर भी करनी पड़ सकती है। तीन दिन में जांच पूरी होने का अनुमान है। अगर आरोप सही पाए गए तो महिला बंदी को इसका खामियाजा बाहर की जेल के रूप में भुगतना पड़ सकता है। आला अधिकारियों ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।