एआरटीओ कार्यालय की सुरक्षा में लगे सिपाहियों को बुधवार को दबंगों ने तमंचा सटा दिया। उनके हाथ से डंडा छीनकर मारने के लिए ताना। विरोध करने पर खुद को एसटीएफ का सिपाही बताते हुए हमलावर भाग निकले। सूचना मिलने पर नगर कोतवाल मौके पर पहुंचे और पूछताछ के बाद लौट आए। हमलावरों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। एआरटीओ कार्यालय में बुधवार को सुरक्षा के लिए चिलबिला चौकी के सिपाही अंगद व सुरेश मौजूद थे। इसी दौरान कार्यालय के गेट पर बाइक निकालने के दौरान लिपिक के सहायक से दो युवकों की कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दोनों युवकों ने सहायक को पीट दिया।
तभी सिपाही अंगद व सुरेश पहुंचे और मारपीट करने के बाद बाइक से भाग रहे युवकों को दबोच लिया और उनके बाइक की चाभी निकाल ली। मामले की जानकारी चौकी प्रभारी को देने के लिए फोन भी मिलाया। इसी बीच एक युवक पहुंचा और सिपाहियों को तमंचा सटा दिया। उनके हाथ से डंडा छीनकर मारने के लिए भी ताना। विरोध करने पर खुद को एसटीएफ का सिपाही बताते हुए पकड़े गए दोनों युवकों को बाहर निकाला। छीनी गई बाइक की चाभी भी सिपाहियों से जबरन ले ली। इसके बाद वे भाग निकले। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल दलबल के साथ पहुंचे। सिपाहियों से पूछताछ कर घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस हमलावरों की खोजबीन में जुट गई। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह ने बताया कि हमला करने वालों की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। केवल सिपाही से डंडा छीनने की बात सामने आई है।