मुजफ्फरनगर क्राइम ब्रांच और तितावी पुलिस ने शातिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सिसौली के ऋषिपाल हत्याकांड का खुलासा किया है। पूछताछ में आरोपी ने चेयरमैन के भाई की हत्या के आरोपी द्वारा ऋषिपाल की हत्या कराने की बात बताई है। शातिर से पुलिस को पिस्टल, दस किलो डोडा और स्कार्पियो गाड़ी मिली हैं।
भौराकलां के सिसौली में 14 जनवरी को ऋषिपाल पुत्र भुल्लन सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। एसएसपी ने हत्या के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया था। रविवार रात तितावी पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने लालूखेड़ी से तितावी निवासी दीपक कुमार पुत्र विनोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर एसपी देहात विनीत भटनागर ने बताया कि सिसौली के चेयरमैन के भाई प्रदीप की हत्या के आरोप में सिसौली निवासी मनोज बंद है।
पकड़े गए आरोपी दीपक का भाई राहुल भी जेल में बंद है। प्रदीप की हत्या के मामले में सिसौली निवासी ऋषिपाल मुख्य गवाह था। जेल में बंद मनोज ने जाट कालोनी निवासी शिवम से भाड़े के शूटरों की व्यवस्था करने ऋषिपाल की हत्या कराने को कहा। जाट कॉलोनी निवासी शिवम बालियान ने बुलंदशहर निवासी अमित ठाकुर, मेरठ निवासी मोहित और अंकित ने दीपक के साथ मिलकर ऋषिपाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
पुलिस को अरोपी से 9 एमएम की पिस्टल, तीन कारतूस, दस किलो डोडा पोस्त ओर स्कार्पियो गाड़ी बरामद की। एसपी ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि बुढ़ाना में 15 जनवरी को गुलवीर की हत्या उसी के चचेरे भाई ब्रह्म सिंह कुरथल के कहने पर अमित और मोहित ने की थी।
सागर मलिक की है गाड़ी
ऋषिपाल की हत्या के आरोप में पकड़े गए आरोपी दीपक से मिली स्कार्पियों गाड़ी के बारे में एसपी ने बताया कि कार शातिर सागर मलिक की बताई गई है। कार की जांच की जा रही है। सिसौली के ऋषिपाल की हत्या के खुलासे में सर्विलांस टीम का योगदान रहा है। एसपी ने बताया कि लगातार आरोपियों की बातों को सुना जा रहा था। सही लोकेशन मिलते ही आरोपी को दबोच लिया गया।
एसएसपी के आदेश पर बदली गईं बैरकें
ऋषिपाल और गुलवीर की हत्या का खुलासा कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार कारागार में मिलाई के लिए आने वालों से हत्या की तैयारी कराई गई थी। जेल की एक ही बैरक में रुपक, मनोज, ब्रहमसिंह कुरथल ओर बालेंद्र बंद थे। बैरक में ही चारों ने भाड़े के शूटरों से दोनो की हत्या कराने की योजना तैयार की थी। मिलाई पर आने-जाने वालों से बाहर सुचनाएं भिजवाई जाती थी। खुलासे के बाद एसएसपी के ने चारों की बैरकों को अलग-अलग कर दिया गया है।