लड़कियों को बंधक बनाए जाने पर हंगामा करते लोग।
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दूसरे संप्रदाय की महिलाओं पर दो लड़कियों को दो घंटे बंधक बनाकर पीटने के आरोपों को लेकर कसबे का माहौल एक बार फिर गरमा गया। लोगों में आक्रोश फैलने से पुलिस में अफरातफरी मच गई। घटना को लेकर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं की आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। इंस्पेक्टर के तहरीर लेने पर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है।
मोहल्ला सराफान चौक निवासी डॉ राजकुमार की दो भतीजी अपनी परिचित अध्यापिका की जगह आधार कार्ड के नाम-पतों का सत्यापन करने के लिए मंगलवार शाम मोहल्ला सराफान में दूसरे संप्रदाय के घर चली गईं। आरोप है कि दूसरे संप्रदाय की महिलाओं ने दोनों लड़कियों को मकान में बंद कर दिया। आरोप है कि इन लड़कियों के साथ दूसरे संप्रदाय की महिलाओं ने मारपीट भी की और करीब दो घंटे बाद इनको बंधक बनाकर रखा।
जैसे-तैसे छूटकर लड़कियां घर पहुंची। दोनों लड़कियों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते लोग एकत्र हो गए। जिससे फिर से तनाव के हालात बन गए। तनाव की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस भीड़ के बीच पहुंची। लोगों की भीड़ ने आरोपी महिलाओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को घेर लिया।
इस दौरान आक्रोशित महिलाओं की कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस के साथ काफी नोकझोंक हुई। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर संजीव कुमार शर्मा ने महिलाओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया और तहरीर ली। इंस्पेक्टर द्वारा तहरीर लिए जाने पर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ।
तनाव के हालात को देखते मोहल्ला सराफान और देवीदास में पुलिस व पीएसी तैनात कर दिया गया है। बताते चलें कि बृहस्पतिवार रात भी साइड लगने पर कहासुनी के बाद दोनों संप्रदायों के बीच फायरिंग पर जमकर पथराव हुआ था। जिसमें एक दरोगा सहित तीन लोग घायल हो गए थे। तनाव को देखते हुए इंस्पेक्टर ने पुलिस बल के साथ देर रात तक गश्त जारी रखी।