पुरकाजी के धमात मार्ग पर कूड़े के ढेर पर कपड़े में लिपटे मिले भ्रूण देखकर लोग हैरान रह गए। कुत्ते इन्हें नोंच रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भ्रूण कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। अज्ञात में भ्रूण हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुरकाजी के धमात मार्ग पर कब्रिस्तान और श्मशान घाट के निकट ही नगर पंचायत द्वारा कूड़ा डलवाया जाता है। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे कूूड़ा बीनने वाले कुछ बच्चे कूड़ा बीन रहे थे।
तभी वहां पर बच्चों ने नेशनल पार्टी के झंडे में लिपटे मांस के लोथड़े देखे। जिन्हें कुत्ते नोंच-नोंचकर खा रहे थे। बच्चों ने कुत्तों को भगाकर कपड़ा हटाकर देखा और आसपास के लोगों को एकत्र कर लिए। वहां की हालत देखकर लोग दंग रह गए। कपड़े में चार भ्रूण लिपटे पड़े थे। कुत्तों के नोंचने के कारण इनकी लैंगिंग पहचान नहीं हो सकी। लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। प्रभारी निरीक्षक बीपी यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। पुलिस ने कूड़े के ढेर से भ्रूण उठवाकर कब्जे में ले लिए हैं। भ्रूणों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस कस्बा निवासी संदीप की तहरीर के आधार पर अज्ञात में भ्रूण हत्या की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया है।
क्लीनिक बंद कर फरार हो गईं महिला चिकित्सक
कूड़े के ढेर में भ्रूण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। आनन-फानन में डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने कस्बे में ताबड़तोड़ छापेमारी कर महिला चिकित्सकों की जांच-पड़ताल की। महिला चिकित्सक क्लीनिक बंद कर चंपत हो गई। टीम ने दो क्लीनिकों पर सील लगाते हुए तहरीर दी है। इसके अलावा भी कई मेडिकल स्टोर के बारे में टीम ने जांच की।
पुरकाजी क्षेत्र में भ्रूण मिलने की खबर पर स्वास्थ्य विभाग ने टीम बनाकर जांच-पड़ताल कराई। डिप्टी सीएमओ डॉ वीके ओझा के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की। टीम ने सबसे पहले जहां भ्रूण मिले, वहां जांच-पड़ताल की। भ्रूणों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनमें दो भ्रूण करीब पांच से छह माह के हैं। टीम ने सबसे पहले कस्बे में डॉक्टर संध्या के क्लीनिक पर छापा मारा, लेकिन यहां ताला बंद मिला। इसके बाद डाक्टर शायना परवीन के कसफ क्लीनिक की जांच की गई तो वह भी गायब मिलीं। डिप्टी सीएमओ ने तत्काल दोनों के क्लीनिक को सील कर दिया। इसके अलावा डॉ. बबीता चौधरी के क्लीनिक की जांच-पड़ताल की गई।
यहां कोई चिकित्सकीय उपकरण नहीं मिले, जबकि डॉ. सोनिया के भी कागजात चेक किए गए, जो सही पाए गए। चिकित्सकीय दल की ओर से बंद मिले क्लीनिक की दोनों महिला चिकित्सकों के विरुद्ध पुरकाजी थाने में तहरीर दी गई है। डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके ओझा ने बताया कि भ्रूण मिलने की घटना को लेकर कार्रवाई की गई है। कस्बे में स्थानीय चिकित्सकों की एक टीम बना दी गई है, जो छापेमारी कर जांच-पड़ताल करेगी। उधर, कस्बे में मेडिकल स्टोरों की भी जांच की जाएगी। फर्जी या प्रतिबंधित दवाइयां बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर स्टोरों को सील किया जाएगा।
कहां से आए एक साथ इतने भ्रूण
कूड़े के ढेर पर मिले भ्रूण को लेकर कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। चूंकि बुधवार को ही महिला दिवस मनाया गया है। लेकिन, पुरकाजी की इस घटना ने सभ्य समाज को सोचने पर विवश कर दिया है। चर्चा है कि यह भ्रूण अस्पतालों से गर्भपात कराने के बाद कूड़े पर डाले गए हैं। पुलिस भी आसपास के अस्पतालों की जांच करने में लगी है। भ्रूण जिस कपड़े में मिले हैं, वह एक नेशनल पार्टी का झंडा है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में भी मामले को लेकर चर्चाएं उड़ रही हैं। वहीं, झंडे में लपेटने के पीछे क्या मकसद है। इसके पीछे कोई राजनीतिक ताल्लुक रखने वाले लोग तो नहीं हैं।