बधौली गांव में घुड़चढ़ी को लेकर उठे विवाद में भले ही आपराधिक मामला दर्ज हो गया है, लेकिन प्रशासन का अभी भी यह प्रयास है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के बीच हुआ मनमुटाव शांत हो जाए। इसी मकसद से वीरवार को डीएसपी नारायणगढ़ ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में बुलाया था, जहां दोनों पक्षों के बीच डीएसपी की मौजूदगी में हुई ढाई घंटे की बातचीत में कोई हल नहीं निकल पाया। बताया जा रहा है कि इसी को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर दोनों पक्षों को बुलवा लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के गांव बधौली में पूर्व सरपंच बलदेव के पुत्र रवि की घुड़चढ़ी की रस्म को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। हालांकि गांव के प्रमुख लोगों और बुजुर्गों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति एक तरह से शांत हो गई थी लेकिन पूर्व सरपंच बलदेव ने मंगलवार को पुलिस में शिकायत दे गांव के दबंगों पर घुड़चढ़ी में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगा दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार की शाम पुलिस बल गांव में जा पहुंचा। गांव की स्थिति एक समय तो दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने के कारण तनावपूर्ण हो गई थी लेकिन मौके पर पहुंचे डीएसपी ने दोनों पक्षों को बुधवार को नारायणगढ़ तलब कर लिया था। बुधवार को गांव के एक बिरादरी के लोग काफी संख्या में नारायणगढ़ आ पहुंचे हुए थे और हालात से अवगत करवाया था। इस बैठक में पीड़ित पक्ष के न आने के चलते पुलिस ने बुधवार की शाम राजपूत बिरादरी के 16 लोगों के खिलाफ मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया था।
मामला दर्ज होने के बाद गांव में स्थिति को लेकर प्रशासन सकते में था और इसी के चलते वीरवार को दोनों पक्षों को एक बार फिर डीएसपी कार्यालय में बुलाया गया। दोपहर के समय डीएसपी राजबीर सिंह की मौजूदगी में चली दोनों पक्षों की बैठक में हालांकि कोई हल नहीं निकल पाया। इसी स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को एक बार फिर दोनों पक्षों की बैठक आयोजित की गई है।