फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराज्यीय गिरोह के पांच लुटेरे गिरफ्तार

Mon, 29 Oct 2018 12:08 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आए बदमाश। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नई मंडी थाना पुलिस ने हाईवे पर लूटपाट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों के साथ ही उनसे लूट का माल खरीदने वाले तीन व्यापारियों को भी गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। लुटेरों के कब्जे से हाल ही में जानसठ रोड पर चालक-क्लीनर को बंधक बनाकर लूटे गए माल के तीन सौ से अधिक पेटियों के साथ ही लूटी गई कार, पांच लाख से अधिक की नकदी और असलाह बरामद किया गया है।
विज्ञापन


पुलिस लाइन स्थित सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों हाईवे पर हुई लूटपाट की कई घटनाओं के मद्देनजर सीओ मंडी योगेंद्र सिंह व इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। शनिवार देर रात पुलिस टीम ने जानसठ रोड पर मुठभेड़ के दौरान पांच बदमाश मुसरत निवासी गांव सौदत परीक्षितगढ़, मेहताब उर्फ कलुवा निवासी इंद्रा गढ़ी हापुड़ देहात, आमिर निवासी श्यामनगर लिसाढ़ीगेट मेरठ, वसीम निवासी भगवानपुर परीक्षितगढ़ और यूसुफ निवासी गजरौला अमरोहा को गिरफ्तार किया।

आरोपियों के कब्जे से लूट की बिना नंबर की स्विफ्ट कार, लूटे गए माल की 335 पेटी, चार तमंचे-कारतूस और 5.17 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर कपिल त्यागी उर्फ सोनू निवासी नारंगपुर सरधना, रिंकू राठौर निवासी प्रगति विहार खोड़ा गाजियाबाद और राजकिशोर निवासी सेक्टर-24 नोएडा को भी गिरफ्तार किया गया। उक्त तीनों व्यापारी हैं, जो लुटेरे गिरोह से लूट का माल खरीदकर उसे देहात क्षेत्र में सप्लाई करते थे। एसपी सिटी ने लुटेरों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी सुधीर कुमार सिंह द्वारा 15 हजार रुपये का नकद इनाम दिए जाने की घोषणा भी की।
विज्ञापन


उत्तराखंड से कोलकाता तक फैला था लुटेरों का जाल
नई मंडी कोतवाली पुलिस द्वारा मुठभेड़ में पकड़े गए अंतरराज्यीय लुटेरे गिरोह का जाल उत्तराखंड से लेकर कोलकाता तक फैला हुआ था। लुटेरा गिरोह पूरी तरह नेटवर्क के तहत काम करता था, जिनके साथी पहले उत्तराखंड के सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र से माल लेकर निकलने वाले ट्रकों की रेकी करते थे। इसके बाद जिस ट्रक में अधिक माल और चालक अकेला हो उसकी पूरी जानकारी लुटेरे गिरोह के सदस्य मुसरत तक पहुंचाई जाती थी।

इसके बाद मुसरत द्वारा लुटेरे गिरोह के सभी साथियों को तैयार कर लूट को अंजाम दिया जाता था। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि लुटेरा गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर कोलकाता तक वारदातों को अंजाम देता था। लुटेरों के निशाने पर माल लेकर फैक्ट्रियों से निकलने वाले ट्रक होते थे, जिनके चालक-क्लीनर को बंधक बनाकर उनका माल लूट लिया जाता था।

ट्रकों को ओवरटेक कर करते थे वारदात
मुजफ्फरनगर। अंतरराज्यीय लुटेरे गिरोह के सदस्य हाईवे पर अपना ट्रक व लूटी गई कार लेकर निकलते थे। जैसे ही सिडकुल से किसी माल लदे ट्रक की जानकारी मिलती थी तो उस ट्रक को हाईवे पर निशाना बनाकर पहले ओवरटेक कर उसे रुकवाया जाता था। इसके बाद चालक-क्लीनर को बंधक बनाकर छोड़ते हुए माल लदे ट्रक का सामान अपने ट्रक में लादकर फुर्र हो जाते थे। लूटे गए इस माल को निकालने के लिए भी गिरोह ने कई प्रांतों में व्यापारियों से संबंध बनाए हुए थे, जिन्हें लूट का माल औने-पौने दामों के बेच दिया जाता था।

माल न मिले तो ट्रक के टायर ही सही
मुजफ्फरनगर। सीओ मंडी योगेंद्र सिंह व इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा ने बताया कि लुटेरे हाईवे पर जब निकलते थे तो किसी न किसी वारदात को अंजाम देकर ही लौटते थे। जब उन्हें कोई माल लदा ट्रक नहीं मिलता था तो वे ट्रकों के टायर ही लूटकर फरार हो जाते थे। नई मंडी क्षेत्र में भी हाईवे पर आरोपी ऐसी ही कई घटनाओं को भी अंजाम दे चुके हैं।

कई जिलों से लूटा गया है बरामद हुआ माल
मुजफ्फरनगर। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि लुटेरों से हिंदुस्तान लीवर का 335 पेटी माल बरामद किया गया है। इनमें 50 पेटी माल 13 अक्तूबर को नई मंडी क्षेत्र में हाईवे पर लूटा गया था, जबकि अन्य 285 पेटी माल बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, कुशीनगर आदि जनपदों से लूटा गया था। इस संबंध में संबंधित जनपदों की पुलिस को सूचना की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें