मंसूरपुर ऑनरकिलिंग के मामले में भाई ने बहन की हत्या करने के लिए मौके की तलाश में काफी समय लगाया। अरुण की हत्या के पांच दिन बाद आंचल की गला दबाकर हत्या की गई थी। बाद में शव को सराय गंगनहर में फेंक दिया गया। पुलिस के अनुसार हत्यारोपी भाई कपिल ने हत्या से पूर्व बहन को दो दिन तक रिश्तेदारी में और तीन दिन तक दोस्त के यहां रखा था। बहन के विद्रोही तेवर अपनाने पर उसकी हत्या की गई थी। फिलहाल पुलिस ने कपिल को भी नामजद कर दिया है।
मंसूरपुर के आनरकिलिंग मामले में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने बताया कि दोनों भाई कपिल और कृष्ण ने अरुण और आंचल की हत्या की साजिश कई माह पूर्व रची थी। दोनों भाइयों को मौके का इंतजार था। छोटे भाई कृष्ण ने अरुण की हत्या करना चुना तो बड़े भाई ने आंचल की हत्या करने की जिम्मेदारी ली। दस अप्रैल को कृष्ण ने दोस्त काजू को अरुण की हत्या करने के लिए साथ लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। बाद में शव को खतौली गंगनहर में फेक दिया था।
कृष्ण और काजू के पकड़ में आने पर ऑनरकिलिंग का सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ। जुर्म कबूल करने पर पुलिस 15 अप्रैल को दोनों को जेल भेज दिया था। उसी शाम अरुण का शव मेरठ की सलावा झाल से मिला। हालांकि दोनों आरोपियों ने आंचल की हत्या की बात को भी स्वीकार किया था। इसी बीच पुलिस के हत्थे बड़ा भाई कपिल आ गया। कपिल की निशानदेही पर बुधवार को मढिय़ाई की गंगनहर से आंचल का शव भी बरामद कर लिया गया था।
पुलिस के मुताबिक आरोपी कपिल ने बताया कि उसने आंचल को दो दिन तक रिश्तेदारी में रखा और वहां किसी बात की भनक तक नहीं लगने दी। इसके बाद तीन दिनों तक बुआड़ा में अपने एक दोस्त के घर पर छुपाकर रखा। दोस्त को भनक लगी तो उसने कपिल से आंचल को वहां से ले जाने के लिए कहा। पांच दिन तक हत्यारोपी उसकी हत्या के लिए जगह की तलाश करने में जुटा रहा। कपिल 15 अप्रैल की रात में बुआड़ा में अपने दोस्त के घर से आंचल को लेकर चला और रास्ते में मामा के लडक़े खानपुर निवासी आशु के साथ मिलकर आंचल की हत्या कर शव को सराय गंगनहर में फेंक दिया था।
कपिल के दोस्त खतौली के गालिबपुर निवासी सोनू का नाम भी प्रकाश में आया है। पुलिस बाकी आरोपियों को पकड़ने को जुटी है। इंस्पेक्टर विपिन कुमार के मुताबिक आंचल हत्याकांड में बड़े भाई कपिल एवं ममेरे भाई आशु को नामजद किया गया है। मुकदमा मृतका के पिता विजेंद्र की ओर से दर्ज किया गया है। लिखापढ़ी में आरोपी कपिल का दाखिला कर दिया गया है। आरोपी को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा।
शव का आनन फानन में अंतिम संस्कार
आंचल के शव का परिजनों ने शाम को आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव को घर नहीं लेकर पहुंचे। परिजनों ने गांव घासीपुरा के श्मशानघाट में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बड़े भाई कपिल के हाथों मारी गई बहन आंचल के शव को मेरठ की सरधना पुलिस बुधवार को मढिय़ाई की गंगनहर से निकाल करके पोस्टमार्टम कराने ले गई थी।
बृहस्पतिवार की देर शाम को मेरठ से पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव को लेकर मंसूरपुर घर नहीं ले गए। मात्र पांच व छह परिवार के सदस्यों ने शव का आनन फानन में घासीपुरा के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार में बस्ती में रहने वाले एक भी परिवार का सदस्य मौजूद नहीं था।
बेटी का मुंह तक नहीं देख सकी मां
घर में चारपाई पर बीमार पड़ी मां उर्मिला अपनी बेटी आंचल का आखिरी बार मुंह तक देख नहीं सकी। हालांकि छोटी बहन ने अपनी बड़ी बहन आंचल का आखिरी बार मेरठ मोर्चरी में मुंह देखा था। बुधवार को पुलिस शिनाख्त कराने के लिए छोटी बहन काजल को मेरठ मोर्चरी में लेकर गए थे। उसी ने मृतका बड़ी बहन आंचल के शव की पहचान की थी।