किसान की तलाश में जंगल में कांबिंग करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
मोरना के जंगल में गेहूं की फसल में पानी चलाते हुए बदमाश किसान का अपहरण कर ले गए। किसान के अपहरण की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर सीओ अकील अहमद समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचे। कांबिंग के दौरान पुलिस और ग्रामीणों को किसान खोले में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। किसान के सकुशल मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
गांव सीकरी निवासी ताजिम पुत्र जाहिद बुधवार शाम मजरा गांव योगेंद्रनगर के जंगल में सरकारी ट्यूबवेल से अपने खेतों में गेहूं की फसल में पानी चला रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक शाम करीब 6 बजे अज्ञात बदमाश हथियारों के बल पर ताजिम का अपहरण कर ले गए। अपहरण की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। किसान के अपहरण की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
सूचना पर सीओ अकील अहमद थाना भोपा, ककरौली, जानसठ, सिखेड़ा की पुलिस को लेकर जंगल में पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को साथ लेकर जंगलों में कांबिंग शुरू कर दी। रात के करीब साढ़े आठ बजे अपहृत किसान पुलिस और ग्रामीणों को खोले के जंगल में बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। होश आने पर किसान ने पुलिस को बताया कि बंदूकधारी तीन बदमाश उसका अपहरण कर ले गए थे। जंगलों में वह बदमाशों को चकमा देकर भाग निकला।
भागते हुए वह खोले के जंगल में गिरकर बेहोश हो गया था। किसान के सकुशल मिलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने बताया कि 10 अक्तूबर को चुनावी रंजिश में किसान ताजिम के छोटे भाई तसलीम की गांव में ही दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में गांव के रहने वाले जमशेद, नदीम, मनव्वर समेत चार लोग जेल गए थे। चारों हत्यारोपी फिलहाल जिला कारागार में बंद हैं। भाई के हत्याकांड में ताजिम गवाह है। पुलिस अपहरण करने की घटना को भाई के हत्या से जोड़कर जांच में जुट गई। पुलिस को अभी तक कोई तहरीर नहीं दी गई है।