मुजफ्फरनगर। हरदोई पुलिस की कस्टडी से फरार शातिर शाहरुख उर्फ पठान ने शहर की अपनी पूरी संपत्ति बेच डाली और पुलिस को कानों कान खबर नहीं होने दी। शातिर ने चुपचाप अपने परिवार को कहीं दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया है। शातिर की चौकसी से पुलिस अब कुर्की आदि की कार्रवाई भी नहीं कर पाएगी। इस खुलासे से पुलिस अफसर भी हैरान हैं।
खालापार निवासी शातिर शाहरुख उर्फ पठान उस समय चर्चा में आया था, जब उसने एक साल पहले शहर के रेलवे स्टेशन पर पुलिस कस्टडी में कुख्यात आसिफ जायदा की हत्या की थी। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
जेल में आए दिन खुराफात और धमकी भरे कॉल्स पकड़ में आने पर शाहरुख को हरदोई की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। 18 अप्रैल को हरदोई पुलिस के दो सिपाही अनंत और आकाश उसे मुजफ्फरनगर की सीजेएम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर लाए थे। शाम करीब चार बजे रेलवे स्टेशन की ओर जाने के दौरान वह हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया था। दोनों सिपाहियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
उस दिन से पुलिस उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन करीब तीन माह बीतने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया। अब शाहरुख के बारे में जो जानकारी मिली, उससे पुलिस अफसर भी हैरान हैं। जिसकी तलाश में हरदोई और मुजफ्फरनगर पुलिस लगी है, उसने शहर के खालापार में अपनी घर-जमीन को बेच दिया है। संपत्ति को बेचकर उसने अपने परिजनों को कहीं दूसरी जगह पर शिफ्ट कर दिया है। उसके द्वारा गुपचुप तरीके से संपत्ति बेचे जाने से पुलिस की हवाइयां उड़ी हुई हैं। माना जा रहा है कि उसका अब पुलिस की पकड़ में आना मुश्किल है। मकान आदि के बिक जाने के बाद पुलिस उसकी कुर्की भी नहीं कर पाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने उसकी संपत्ति खरीदने वालों के बारे में भी जानकारी मांगी है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि उसने अपना नया ठिकाना कहां बनाया है। इसके लिए पुलिस उसके पुराने साथियों और पड़ोसियों के संपर्क में है।