मुजफ्फरनगर। चुनावों के मद्देनजर तैयार की गई रिपोर्ट में नगर से सटे सात गांवों के ताजा हालात सामान्य नहीं पाए गए हैं। प्रत्याशियों और उनके सपोर्टरों के बीच खींचतान चल रही है।
अफसरों की तरफ से इन गांवों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पहले चरण के मतदान से पहले ही पुलिस फोर्स ने गांवों में डेरा जमा लिया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हालातों को जानने के लिए खुफिया तंत्र की टीमें लगाई गई थीं। शहर से सटे गांवों के बारे में टोह ली गई। इसमें पुलिस की भी सक्रियता रही। उद्देश्य यह था कि चुनाव में किसी अप्रिय घटना का असर शहर पर न पड़े। इस दौरान नामांकन के बाद की स्थिति का आंकलन किया गया।
शाहबुद्दीनपुर, मिमलाना, न्याजूपुरा, सुजड़ू, शेरनगर, वहलना, सरवट गांव सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। आंकलन करने वाली टीमों ने इन गांवों में प्रत्याशी और उनके सपोर्टरों के बीच काफी समय से चल रहे विवादों को आधार बनाया है। सुजड़ू को सबसे अधिक संवेदनशील बताया है।
इसकी बड़ी वजह यह है कि लंबे समय से एक दूसरे के धुर विरोधी तीन गुटों के प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। सुजड़ू का मतदान पहले चरण में होने से पुलिस में बेचैनी है। अफसरों की तरफ से शहर से सटे गांवों में सतर्कता बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस टीमें इन गांवों में पल-पल के हालातों का जायजा ले रही है। रात में पुलिस ने गांवों में डेरा डाल लिया है। एसपी सिटी प्रदीप गुप्ता ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।