मुजफ्फरनगर। आसाराम के खिलाफ सरकारी गवाह बने अखिल गुप्ता की हत्या के बाद कातिल उसकी पत्नी वर्षा को भी रास्ते से हटाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तैयारी भी कर ली थी। वर्षा को एक समारोह में अपनी बहन के यहां रायपुर जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका कार्यक्रम रद हो गया। वारदात के लिए शूटर कार्तिक छत्तीसगढ़ से एके 47 खरीदने गया था, लेकिन सौदा नहीं पटा। बाद में वह वहां से एक दुनाली बंदूक लेकर आया था।
मामले की तहकीकात में जुटी अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को यह जानकारी हाथ लगी है। सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फरनगर में अखिल की हत्या के बाद कार्तिक हलदार ने उसकी पत्नी वर्षा को भी अपने रडार पर लिया था। सूरत की दो बहनों के यौन उत्पीड़न मामले में वर्षा भी आसाराम के खिलाफ सरकारी गवाह बन गई थी।
जानकारी मिली है कि वर्षा को मार्च महीने में छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपनी बहन के यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाना था। इसके लिए उसने सारी तैयारियां भी कर रखी थीं, लेकिन बाहरी राज्य के लिए पुलिस सुरक्षा नहीं मिलने पर उसने अपना प्रोग्राम रद्द कर दिया। कार्तिक रायपुर में रुका रहा और वर्षा का इंतजार करता रहा। इसी बीच वह गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़ गया।
इससे पूर्व उसने छत्तीसगढ़ के नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले एक गिरोह से संपर्क कर उनसे एके-47 खरीदने के लिए सौदेबाजी की, लेकिन बात नहीं बन पाई। आसाराम के पैरोकार वकील प्रवीण के कहने पर वह अपने मित्र तमराज के साथ रायपुर पहुंचा था। वहां से डेढ़ लाख रुपये में दुनाली बंदूक खरीदकर लाया था।
इस बंदूक को वह फोल्ड कर ट्रेन के जरिए गाजियाबाद पहुंचा था। इससे पूर्व भी 23 मई 2014 को राजकोट में वैद्य अमृत प्रजापति पर भी कार्तिक ने ही गोलियां बरसाई थीं, जिसकी अस्पताल में दस जून को मौत हो गई थी। शाहजहांपुर में पिछले वर्ष हुई कृपाल सिंह की हत्या में भी कार्तिक आरोपी है।
सिर्फ इतना ही नहीं वर्ष 2014 से अब तक वह अन्य गवाहों पर सूरत में विमलेश और राकेश पटेल, अहमदाबाद में दिनेश पीरचंदानी, पानीपत में महेंद्र चावला आदि पर किए गए जानलेवा हमलों की योजना भी इसी ने तैयार की थी।
मुजफ्फरनगर पुलिस मुख्य शूटर कार्तिक को रिमांड पर लेने की प्रक्रिया में जुटी है। इन सभी सवालों के जवाब पुलिस को कार्तिक से लेने हैं। फिलहाल कार्तिक गुजरात की साबरमती जेल में बंद है।