मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने ऐसे वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो डिमांड के आधार पर बाइकें चोरी कर सप्लाई करता था। गिरोह के तीन सदस्यों के साथ ही पुलिस ने चोरी की बाइकें खरीदने वाले चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर चोरी की नौ बाइकें बरामद करने के साथ ही अवैध असलहा भी बरामद किया है। गिरोह का एक सदस्य फरार है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
पुलिस लाइन के सभागार में प्रेसवार्ता में एसएसपी सुुधीर कुमार सिंह व एसपी देहात आलोक शर्मा इसकी जानकारी दी। बताया कि बुढ़ाना इंस्पेक्टर प्रभाकर केंतुरा व एसआई सोबीर नागर के नेतृत्व में बुधवार को मुठभेड़ के दौरान तीन युवकों को दो बाइकों के साथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में जावेद पुत्र आबिद, हसन पुत्र मौजूदीन निवासीगण नंगला रियावली रतनपुरी और तालिब पुत्र मुनफैत, निवासी पांचली सरूरपुर मेरठ शामिल हैं।
अरविंद पुत्र भोला, निवासी तमेला गढ़ी, थाना दोघट जिला बागपत फरार हो गया। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के पास से दो तमंचे-कारतूस व बाइकें बरामद की गईं, जो जांच में चोरी की पाई गई। इस पर आरोपियों से पूछताछ की गई तो उनके वाहन चोर गिरोह का सदस्य होने का खुलासा हुआ। एसएसपी के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे व्हीकल ऑन डिमांड के आधार पर बाइक चोरी का धंधा करते हैं। आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस टीम का गठन कर उनसे चोरी की बाइकें खरीदने वाले रविंद्र पुत्र जयप्रकाश निवासी तमेला गढ़ी दोघट बागपत, सौरव पुत्र रामभूल, ईशा पुत्र यूसुफ व विकास शर्मा पुत्र दिनेश निवासीगण पांचली सरूरपुर मेरठ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उक्त आरोपियों के पास से भी चोरी की सात बाइकें बरामद की गईं हैं। एसएसपी ने गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
चोरी से पहले की जाती थी बाइक की बुकिंग
मुजफ्फरनगर। अपनी तरह के पहले वाहन चोर गिरोह की खासियत यह थी कि यहां वाहन चोरी से पहले ही उसकी डिमांड के आधार पर बाकायदा बुकिंग की जाती थी। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि चोरी की बाइक का आर्डर लेने के बाद गिरोह सदस्य गांव पांचली निवासी तालिब पुत्र मुनफैत अन्य सदस्य को बुक किए गए मॉडल व बाइक की जानकारी देता था, जिसके बाद बाइक चोरी कर तीन दिन बाद उसकी डिलीवरी दे दी जाती थी। बुकिंग के बाद चुराई गई बाइक की कीमत उसके मॉडल नंबर व कंडीशन के आधार पर तय की जाती थी। बुकिंग के अलावा, जो बाइकें चोरी की जाती थी, इंजन व चेसिस नंबर बदलने के बाद उन्हें मेरठ के सोतीगंज निवासी किसी शहजाद नामक व्यक्ति को बेच दिया जाता था।
चार जिलों में फैला हुआ है गिरोह का नेटवर्क
मुजफ्फरनगर। एसएसपी ने बताया कि वाहन चोर गिरोह का नेटवर्क चार जनपदों मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर व बागपत में फैला हुआ है। गिरोह के सभी बदमाश शातिर अपराधी हैं, जिनके खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं और वे काफी समय से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। बाइक चोरी करने के लिए आरोपी अधिकांशत: बैंकों को निशाना बनाते थे, जिसके चलते वे कई बार सीसीटीवी कैमरों में भी आ चुके हैं।
चोरी की बाइक खरीदने वाले भी जाएंगे जेल
मुजफ्फरनगर। अपनी तरह के पहले वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद एसएसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए चोरी के वाहन खरीदने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एसएसपी के अनुसार जो भी व्यक्ति चोरी की बाइक खरीदेगा या उसके साथ पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे भी जेल भेजा जाएगा।