थाने में मौजूद एक पक्ष की महिलाएं।
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कछौली में दलित और ठाकुर युवकों में हुए विवाद में दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। दोनों पक्षों में शहर कोतवाली के गेट पर भी लात-घूंसे चले। गेट पर झगड़ा होने से बाजार में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मामले में आधा दर्जन युवकों को हिरासत में ले रखा है। गांव के जिम्मेदार लोग दोनों पक्षों में फैसले के प्रयास में जुटे हैं। पूरे दिन दोनों दर्जनों महिलाएं-पुरुष कोतवाली के बाहर डेरा जमाए पड़े रहे।
शहर कोतवाली के कल्लरपुर-कछौली निवासी दलित बबलू पुत्र किशना बुधवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था। रास्ते में गांव के ठाकुर पक्ष के दो युवक खड़े थे। बबलू की दोनों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि दोनों युवकों ने बबलू को घर में खींचकर बंधक बना लिया। पीड़ित के बच्चे बाहर खड़े होकर रोने लगे। इस बात का दलित समाज के लोगों को पता चला तो उनमें आक्रोश फैल गया। दोनों ओर के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चले।
जिम्मेदार लोगों ने दोनों पक्षों को उस समय अलग-अलग कर दिया। ठाकुर पक्ष के लोग इकट्ठा होकर शहर कोतवाली पहुंचे तो दलित एसएसपी ऑफिस पहुंच गए। कप्तान ने दलितों को शहर कोतवाली पहुंचने को कहा। पीड़ित जैसे ही कोतवाली गेट पर पहुंचे, तो वहां पहले से खड़े ठाकुर समाज के कुछ युवकों से पहले कहासुनी और फिर बाद में गेट पर ही मारपीट हो गई। कोतवाली गेट पर झगड़ा होते देख पुलिस में अफरातफरी मच गई। मौके से पुलिस ने आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया। दोनों पक्ष के दर्जनों महिला-पुरुष शाम तक कोतवाली के बाहर गेट पर बैठे रहे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।