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हरदोई पुलिस की कस्टडी से शाहरुख हुुआ फरार  

Fri, 22 Apr 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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यूपी पुलिस लोगो। - फोटो : demo pic
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सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कोर्ट में पेशी से वापस लौटने के दौरान हथकड़ी से हाथ निकालकर शातिर बदमाश शाहरुख उर्फ पठान फरार हो गया । हरदोई जिले के दो सिपाहियों ने तीन दिन तक  स्थानीय पुलिस से मामला छुपाए रखा। पुलिस ने शातिर शाहरुख और हरदोई के दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। 
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  शहर में रेलवे स्टेशन पर पुलिस कस्टडी में आसिफ जायदा की हत्या करने के आरोपी शाहरुख के हरदोई पुलिस की कस्टडी में भाग जाने पर पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। आरोपी सिपाहियों द्वारा तीन दिन बाद स्थानीय पुलिस को बताने पर अधिकारियों ने आरोपी शाहरुख और दोनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।   हरदोई पुलिस लाइन से दो सिपाही अनंत कुमार और आकाश कुमार शातिर शाहरुख को यहां अदालत में पेशी पर लाए थे। 18 अप्रैल की शाम चार बजे पेशी के बाद आरोपी को ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन पर लेकर जा रहे थे। रास्ते में उसने किसी तरह से हथकड़ी से हाथ निकाला और चलती रिक्शा से कूदकर फरार हो गया।  सिपाहियों ने काफी दूर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन शातिर उनकी आंखों के आगे से ओझल हो गया।
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  तीन दिन तक सिपाहियों ने मामले को दबाए रखा और अपने स्तर से स्थानीय स्टाफ से मिलकर उसकी तलाश में लगेे रहे, लेकिन कामयाबी नहीं मिलने पर बृहस्पतिवार को अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। एसपी सिटी संतोष कुमार मिश्रा ने मामले का पता चलते ही दोनों सिपाहियों और आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवा दिया।   एसआई जितेंद्र शर्मा की ओर से दोनों सिपाहियों अनंत कुमार और आकाश कुमार के खिलाफ ड्यूटी पर लापरवाही बरतने और शाहरुख के खिलाफ पुलिस हिरासत से भाग जाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

शाहरुख के भागने से शहर में बढ़ सकती है घटनाएं
मुजफ्फरनगर। कुख्यात आसिफ जायदा के हत्यारोपी शाहरुख के हरदोई पुलिस की कस्टडी से पेशी के दौरान हथकड़ी से हाथ निकालकर भाग जाने से स्थानीय पुलिस के लिए सिरदर्द बढ़ गया है। शाहरुख बहुत शातिर बदमाश है। रंगदारी और लूट करने का माहिर है। आसिफ की पुलिस कस्टडी में हत्या करने के बाद सुर्खियों में आने के बाद से ही वह जिला कारागार में बंद था।   कारागार से ही  रंगदारी मांगे जाने के मामलों में उसका कई बार नाम सामने आया। आए दिन मिल रही शिकायतों के बाद शासन के आदेश पर तीन माह पूर्व उसेे हरदोई  कारागार में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीं से शातिर भागने की जुगत में लग गया था। पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है, पेशी के दौरान उससे मिलने वालों पर कड़ी निगाह नहीं रखी गई।   रास्तें में ई-रिक्शा में बैठकर जाने के दौरान पुलिस की लापरवाही का नतीजा रहा है कि आराम से हथकड़ी से हाथ निकालकर शाहरुख फरार हो गया है। ऐसे शातिर की पेशी के दौरान स्थानीय स्तर पर पुलिस से कोई सहायता नहीं ली गई। 
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