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छपार लूट का पुलिस ने किया खुलासा 

Sun, 15 May 2016 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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लूट का खुलासा करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने चार दिन पूर्व छपार क्षेत्र में किसान से हुई लूट का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार लुटेरों को गिरफ्तार किया और उनसे लूटी गई रकम से 25 हजार रुपये बरामद किए हैं। आरोपियों के पास से पुलिस को तीन तमंचे, एक चाकू और दो बाइक बरामद की है। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
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छपार थाना क्षेत्र में 10 मई को किसान सुलेमान और उसका पुत्र गानिब बरला कोआपरेटिव बैंक से 92500 रुपये निकालकर ले जा रहे थे। दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने दिनदहाड़े तमंचों की नोक पर बैंक से निकाली गई रकम को कासमपुर गांव के पास से लूटकर क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। आरोपी  वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस उसी दिन से आरोपियों की तलाश में जुटी थी, इसमें सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा था। शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता ने बताया कि लूट करने वाले चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी बंटी उर्फ मनीष पुत्र महकार सिंह निवासी पवरसा थाना दौराला, दिनेश पुत्र रामकिशन निवासी गोटका थाना सरुरपुर जिला मेरठ, आनंद चौधरी पुत्र रामानंद निवासी मेरठ और ललित पुत्र गुलशन कुमार निवासी गीता कालोनी दिल्ली हैं।
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इन चारों ने ही मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी शातिर किस्म के बदमाश हैं। हापुड़, बागपत और मेरठ आदि जनपदों में लूट की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इनके पास से 25 हजार की नगदी, दो तमंचे 315 बोर छह कारतूस, एक तमंचा 312 बोर और दो कारतूस, एक चाकू और चोरी की   दो बाइक भी मिली है। लूटी गई बाइकें इन्होंने बागपत और खतौली से लूट रखी हैं। बदमाशों को पकड़ने वाली  टीम में एसओ छपार प्रभाकर कैंतुरा, दरोगा रामसिंह चौहान, देव सिंह रावत, सोनू शर्मा, सुनील कुमार और निर्वेश मौजूद रहे।

चारों आरोपियों के अपने-अपने धंधे
छपार लूट में पुलिस के हत्थे चढे चारों आरोपी अलग-अलग काम करते हैं। सब के अपने काम हैं। बंटी ललित दिल्ली से देहरादून तक जींस सप्लाई का काम करता है। आनंद चौधरी बड़ी कोठियों में चिनाई का काम करता है। दिनेश कोठियों में पेंट आदि का ठेके लेता है और बंटी उर्फ मनीष कार मैकेनिक है। चारों की मित्रता कुछ समय पूर्व की है। इससे पहले भी ये कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। 

ललित ने दी थी कैश की सूचना
कैश लूट की योजना बनाने के लिए चारों ने बैंकों से कैश ले जाने वालों पर निगाह रखनी शुरू की। बरला के कोआपरेटिव बैंक में दस तारीख को ललित सुबह ही पहुंच गया था। उसने पीड़ित सुलेमान को कैश ले जाते देखा और अपने बाकी के साथियों को सूचना कर दी। थोड़ी देर बाद ही आरोपी कासमपुर के रास्ते पर कैश लूटकर फरार हो गए। 
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