भाजपा नेता राजा वाल्मीकि हत्याकांड में पुलिस जांच जस की तस है। केस के खुलासे के लिए बनी पुलिस की पांचों टीमें फेल होती नजर आ रही है। फिलहाल पुलिस की जांच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पर आकर ठहर गई है। उधर, एक सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को बाइक पर नगर में दो हमलावर दाखिल होते दिखाई दिए हैं, जबकि वारदात के बाद फरार होने वाले बदमाशों की संख्या तीन थी। पुलिस को शक है कि कस्बे का ही कोई शूटर वारदात में शामिल है।
खतौली के मोहल्ला देवीदास निवासी भाजपा नेता राजा वाल्मीकि की एक सप्ताह पूर्व बुधवार सुबह करीब आठ बजे दुकान पर ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। एसएसपी बबलू कुमार ने मौके पर जाकर घटना के खुलासे को लेकर सीओ जानसठ, सीओ खतौली, क्राइम ब्रांच सहित पांच टीमों का गठन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए किया था।
एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पांचों टीमों के हाथ खाली नजर आ रहे हैं। पुलिस ने जर, जोरू और जमीन सभी बिंदुओं को पूरी तरह खंगाल लिया है, लेकिन सभी जगहों पर रिजल्ट जीरो रहा। फिलहाल पुलिस ने जांच को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता पर लाकर टिका दिया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस इस ओर जांच कर रही है कि राजनीतिक तौर पर राजा वाल्मीकि की हत्या से किसे लाभ और किसे हानि हो रही है। हत्याकांड के बाद हंगामे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले एक नेता पर भी पुलिस की नजर है।
गोपनीय तरीके से नेताजी की कुंडली भी खंगाली जा रही है। इसके अलावा नगर पालिका चेयरमैन पारस जैन के प्रति का रिकार्ड भी देखा जा रहा है। उधर, सीसीटीवी कैमरों की तलाश में जुटी पुलिस को कुछ कामयाबी मिलती नजर आई है। एक फुटेज में घटना वाले दिन सुबह 7.20 पर बाइक सवार दो युवक गंगनहर की ओर से नगर में घुसते नजर आ रहे हैं, जबकि करीब आठ बजे वारदात के बाद इसी बाइक पर तीसरा बदमाश भी बैठकर फरार होता नजर आ रहा है। पुलिस को शक है कि वारदात में नगर का एक शूटर भी शामिल हो सकता है। पुलिस उसी की खोजबीन में जुटी है।
गोपनीय चिट्ठी में पड़ोसी पर उंगली
खतौली। भाजपा नेता राजा वाल्मीकि हत्याकांड को लेकर मीडिया दफ्तरों में डाक द्वारा गोपनीय पत्र भेजे गए हैं। पत्र में राजा वाल्मीकि की हत्या को लेकर पड़ोसी कारोबारी पर उंगली उठाई गई है। सीओ राजीव कुमार गौतम ने पत्र को भी जांच में शामिल कर लिया है।
सोमवार को स्पीड पोस्ट के माध्यम से मीडिया कार्यालयों में भाजपा नेता राजा वाल्मीकि मर्डर के बारे में गोपनीय पत्र भेजे गए हैं। पत्र में राजा मर्डर केस में एक कारोबारी पर उंगली उठाई गई है। स्पीड पोस्ट करने के लिए जो पता लिखा है, उसमें धर्मवीर सिंह मकान नंबर 184, सेक्टर दो, शास्त्रीनगर मेरठ लिखा है। लिखा गया मोबाइल नंबर भी गलत है। सीओ ने इस पत्र को गंभीरता से लेते हुए जांच में शामिल कर लिया है।