तितावी पुलिस ने मांडी गांव के डॉ. मनोज हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। तफ्तीश में छोटा भाई अंकित ही बड़े भाई का हत्यारा निकला। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। भाभी से अनैतिक संबंधों के चलते उसने बड़े भाई की हत्या कर दी थी।
तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी निवासी डॉ. मनोज कुमार की 14 जुलाई की देर रात करवाड़ा के जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय वह अपने छोटे भाई अंकित को बाइक से हरसौली चेकपोस्ट से लेकर घर जा रहा था। मनोज के ताऊ ब्रह्मपाल सिंह ने तितावी थाने पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
सीओ फुगाना कालू सिंह के निर्देशन में तितावी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार और स्वाट टीम प्रभारी सुनील शर्मा ने बुधवार को मनोज के छोटे भाई अंकित से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा मोती झील से बरामद कर लिया।
पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात अजय सहदेव ने पत्रकारों को खुलासे की जानकारी दी। बताया कि डॉ. मनोज की पत्नी मोनिका से देवर अंकित के अनैतिक संबंध थे, जिसकी भनक डॉ. मनोज को लग गई थी। उसने कई बार अंकित को समझाया, मगर वह बाज नहीं आया। इन संबंधों को लेकर दोनों भाइयों में अनबन रहने लगी थी, जबकि अंकित भाभी को छोड़ना नहीं चाहता था। इसी के चलते अंकित ने बड़े भाई मनोज की गोली मारकर हत्या कर दी। डॉ. मनोज कुमार बघरा में डेंटल क्लीनिक चलाता था।
प्लानिंग के तहत की गई भाई की हत्या
अंकित ने पूरी प्लानिंग के तहत बड़े भाई डॉ. मनोज की हत्या को अंजाम दिया। वह 14 जुलाई को बहाना कर मेरठ गया। लौटते हुए जान बूझकर लेट हुआ। भाई मनोज को फोन कर हरसौली चेकपोस्ट पर लेने के लिए बुलवाया। साथ ही कहा कि सुरक्षा के लिए घर से तमंचा उठाकर ले आना, क्योंकि रात में रास्ता ठीक नहीं है बदमाशों का खतरा है। डॉ. मनोज तमंचा लेकर पहुंच गया। अंकित वहां पहले से खड़ा मिला।
मनोज छोटे भाई अंकित को बाइक पर बैठाकर गांव की ओर चल दिया। रास्ते में अंकित ने मनोज से कहा कि तमंचा मुझे दे दो, क्योंकि तुम्हारे हाथ घिरे हुए हैं। खतौला मोड़ पर करवाड़ा के जंगल में जैसे ही स्पीड ब्रेकर पर मनोज ने बाइक धीमी की, तभी अंकित ने पीछे से ही उसके सिर में तमंचा सटा कर गोली मार दी। मनोज बाइक समेत नीचे गिरा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाइक के साथ गिरने से अंकित को भी हल्की चोट लगी। भाई की हत्या करने के बाद वह शोर मचाता हुआ भागा कि बदमाशों ने उसके भाई को गोली मार दी है।
गोली के एंगिल ने कातिल को फंसाया
अंकित ने भाई की हत्या के लिए जो स्क्रिप्ट लिखी, सबकुछ ठीक उसी तरह हो रहा था। मौका ए वारदात पर भाई के दहाड़े मार-मारकर रोने से किसी को लगा ही नहीं कि हत्यारा वह भी हो सकता है। एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मनोज के पीछे से लगकर सिर में फंसी मिली,
जबकि अंकित ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि बदमाशों ने सामने से मनोज को गोली मारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अंकित को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना गुनाह कबूलते हुए हत्या करने की पूरी कहानी पुलिस के सामने उगल दी। पुलिस का कहना है कि मनोज की पत्नी को हत्या के बारे में अंकित ने कोई जानकारी नहीं दी थी, उसका वारदात में कोई रोल नहीं मिला।