शुक्रताल के गंगा दशहरा मेले में भक्तों से भीम आर्मी और जय सिंधु संघ संगठनों के नाम पर चंदा एकत्र करने का प्रयास कर रहे तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए युवकों से पर्चे और कागजात बरामद किए हैं। पुलिस इनके संगठनों से कनेक्शन की जांच-पड़ताल कर रही है। इनके बाकी साथियों की भी तलाश की जा रही है।
भोपा थाना क्षेत्र में तीर्थनगरी शुक्रताल में ज्येष्ठ दशहरा के अवसर पर गंगा स्नान मेले में हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ी। गंगा मार्ग पर शनिवार को रविदास आश्रम के पास मुख्य प्रवेश द्वार के बराबर में भीम आर्मी और जय सिंधु संघ के नाम से बैनर लगाकर भक्तों से सहारनपुर के दलितों की मदद के नाम पर चंदा इकट्ठा कर रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद युवकों ने गंगा स्नान के लिए आने वाले लोगों के बीच पर्चे भी बांटे।
शिविर के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। भोपा सीओ अकील अहमद और प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर शिविर को बंद कराया और वहां रखे पर्चे और बैनर आदि कब्जे में ले लिए थे। इसी बीच शिविर लगाने वाले युवक मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने भोपा थाने पर मामले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। सोमवार सुबह भोपा प्रभारी निरीक्षक और एसएसआई जितेंद्र शर्मा ने तीन युवकों को सुबह 11 बजे शहर के भोपा बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी देहात विनीत भटनागर ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपी अमित गौतम पुत्र श्यामू निवासी जौली भोपा, बबलू पुत्र विजयपाल निवासी तेवड़ा ककरौली और हरीश कुमार पुत्र अशोक कुमार सहावली नईमंडी कोतवाली हैं।
बताया कि आरोपियों ने बैनर, पर्चों से वर्गों और समुदाय के बीच वैमनस्यता और अशांति फैलाने का प्रयास किया था। मेले में बाहर से आने वाले लोगों को भीम आर्मी के नाम पर गुमराह कर चंदा इकट्ठा करने का प्रयास किया था। आरोपी लोगों से दान के रूप में पैसा वसूलने का प्रयास कर रहे थे। रकम को इकट्ठा कर कहां और किसे दिया जाना था, इस बात की पुलिस जांच कर रही है।
नंबर भीम आर्मी के नेता का निकला
मुजफ्फरनगर। भीम आर्मी के नाम से चंदा वसूली करने वाले तीनों आरोपी खुद अपना इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। आरोपियों से बरामद पर्चे उनकी बात को झूठा साबित कर रहे हैं। पर्चे पर तीन नंबर अंकित हैं, जिनमें एक नंबर सहारनपुर निवासी भीम आर्मी के बड़े नेता का है। नेता कौन है, इस बारे में पूछने पर एसपी चुप्पी साध गए और कहा कि जांच चल रही है।
पर्चे छापने वाले की तलाश
मुजफ्फरनगर। एसपी देहात ने बताया कि किसी भी काम के पर्चे पर प्रिंटिंग प्रेस वाला अपना नाम और पता जरूर छापता है। तीनों आरोपियों से बरामद पर्चों पर प्रिंट करने वाले का नाम नहीं है। कहां और किस प्रेस में पर्चे छापे गए हैं, पुलिस जांच कर रही है। बताया कि आरोपियों ने करीब एक हजार पर्चे छपवाए, जिनमें से मात्र सौ ही बंट पाए। बाकी पुलिस ने बरामद कर लिए है।