मुजफ्फरनगर। वेस्ट में फैले गैंग की कमर तोड़ने के लिए जेल में बंद कुख्यात विक्की त्यागी की पत्नी मीनू त्यागी को पूर्वांचल की जेल भेजने की तैयारी हो गई है। कोर्ट के कटघरे में विक्की की हत्या के बाद खुफिया विभाग को गैंग की गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं। चरथावल ब्लाक प्रमुख के चुनाव से पहले ही शासन ने मंथन के बाद मीनू को देवरिया जेल में शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया है।
जरायम की दुनिया में कुख्यात रह चुके विक्की त्यागी के गैंग को दोबारा ताकत नहीं मिले, इसके लिए शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 16 फरवरी को न्यायालय के कटघरे में पेशी पर आए विक्की की अधिवक्ता के भेष में पहुंचे बहावड़ी गांव के सागर मलिक ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
सरगना की सनसनीखेज हत्या से गैंग को झटका लगा था। चरथावल क्षेत्र के बधाई खुर्द निवासी पूर्व चेयरमैन उदयवीर सिंह के परिवार की ट्रक से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2008 में ब्लाक प्रमुखी के चुनाव की रंजिश को लेकर रची गई सामूहिक हत्याकांड की साजिश में मीनू त्यागी भी आरोपी है।
लंबे समय से वह सलाखों के पीछे है। विक्की की हत्या के बाद उसे तेरहवीं के लिए भी पैरोल नहीं दिया गया था। विक्की गैंग की कमान किसके हाथ में है, यह तो अभी साफ नहीं है। खुफिया विभाग को मिले इनपुट्स में गैंग के गुर्गों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं।
हालांकि पंचायत और बीडीसी के चुनाव में विक्की के परिवार का कोई सदस्य सीधे तौर पर मैदान में नहीं है। बावजूद इसके विक्की का बना हुआ सियासी दायरा अभी भी कायम है। वर्ष 2005 में विक्की ने अचानक सियासी चौला ओढ़ लिया था और वह चरथावल का ब्लाक प्रमुख चुना गया।
पूरे प्रकरण पर गौर करते हुए कारागार प्रशासन ने 22 सितंबर को शासन को तत्काल मीनू को जेल से शिफ्ट करने की संस्तुति की। गृह मंत्रालय के सचिव एसके रघुवंशी ने गुरुवार 15 अक्तूबर को कारागार प्रशासन के महानिरीक्षक को जेल में बंद मीनू त्यागी को पूर्वांचल के जनपद देवरिया के कारागार में ट्रांसफर करने के आदेश दिए हैं।
आदेश की प्रति डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी केबी सिंह और जेल अधीक्षक को भेज दी गई है। जेल प्रशासन अब मीनू को जल्द से जल्द देवरिया शिफ्ट करने की तैयारी में जुट गया है।
सीबीसीआईडी में अटकी है तफ्तीश
मुजफ्फरनगर। भरी अदालत में विक्की की हत्या ने सूबे की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया था। गैंगवार के अंदेशे में प्रशासन ने न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए। हत्याकांड के विरोध में परिजनों ने जंतर-मंतर दिल्ली में प्रदर्शन किया था।
विक्की की मां सुप्रभा ने एक सीओ और थानेदार समेत कई पुलिसकर्मियों पर बेटे की हत्या की साजिश का आरोप लगाया था। बाद में मामला सीबीसीआईडी को चला गया है। विक्की के परिवार को पुलिस की सुरक्षा मिली हुई है। मीनू त्यागी भी जान का खतरा जता चुकी है।