चरथावल के गैंगरेप के पीड़ित पक्ष के साथ आरोपियों ने शहर में मारपीट कर दी। मामले को लेकर मुख्यमंत्री के आदेश पर चल रही जांच में बयान नहीं देने की धमकी दी। बात नहीं मानने पर आरोपियों ने पीड़ित पक्ष को जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित ने पुलिस पर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत पुलिस ऑफिस पर की गई है।
चरथावल निवासी पीड़ित ने बताया कि वह मजदूरी पेशा व्यक्ति है। कस्बे का ही कुछ लोग पिछले कई वर्षों से उसकी पत्नी से गैंगरेप करते आ रहे हैं। कई बार उसने चरथावल पुलिस से मामले की शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों के हौसले इस कदर बुलंद थे कि वो कहीं भी जाने पर उसके साथ मारपीट करते थे।
परेशान होकर पीड़ित ने मामले की शिकायत लखनऊ मुख्यमंत्री के यहां कर दी। 29 जून को लखनऊ मामले की सुनवाई के लिए उन्हें बुलाया गया है। इस बात का आरोपियों को पता चल गया। नौ जून दोपहर करीब दो बजे आरोपियों ने शहर कोतवाली के मीनाक्षी चौक पर पीड़ित पक्ष को रोककर उन्हें 29 जून का लखनऊ नहीं जाने के लिए कहा।
पीड़ित ने मना किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर दी। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने कोई सहायता नहीं की। पीड़ित ने चरथावल पुलिस पर मामले में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। शनिवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस ऑफिस पहुंचकर अधिकारियों को मामले की जानकारी देकर उनके लखनऊ जाने के दौरान सुरक्षा की मांग की। अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।