महिमा सुसाइड केस की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। नामजद आरोपियों ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की भी कोशिश की। महिमा के पिता देवप्रकाश को साथ लेकर वह इलाहाबाद भी गए, लेकिन बात नहीं बनी। मामले से निराश आरोपी प्रायश्चित के लिए काशी विश्वनाथ के दरबार में भी पहुंचे थे।
बीकॉम की छात्रा महिमा विश्वकर्मा की आत्महत्या के मामले में नईमंडी कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद आरोपी देवप्रकाश को अपने कब्जे में किए हुए थे। दो दिन पहले आरोपी युधिष्ठिर की गिरफ्तारी के साथ ही देवप्रकाश को बरामद कर उसके परिजनों को सौंपा गया। क्राइम ब्रांच की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे ही केस की परतें खुल रही हैं। देव प्रकाश ने अपने पिता और अन्य रिश्तेदारों के समक्ष जानकारी दी कि 19 फरवरी को नामजद आरोपी उसे हाईकोर्ट इलाहाबाद ले गए थे।
उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए और वहां अग्रिम जमानत के लिए अधिवक्ताओं से बात की, लेकिन कोई रास्ता नहीं मिला। बकौल देवप्रकाश, आरोपियों ने बेटी की खुदकुशी पर अफसोस जताया और इलाहाबाद से वाराणसी चले गए। वहां काशी विश्वनाथ मंदिर में भोलेनाथ के समक्ष उन्होंने घटना पर प्रायश्चित करते हुए माफी मांगी। बाद में वह उसे वापस ले आए और मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा के पास काटी जा रही कालोनी में रखा गया।
बकौल देवप्रकाश, लखनऊ की पन्नालाल धर्मशाला से बेटे अक्षय और उसके दोस्त अरुण के भागने के बाद उसे प्रताड़ित किया गया। पिटाई से एक कान से कम सुनाई देने लगा है। डर के मारे कमरे में रखे चाकू से उसने खुद ही अपना गला काटने की कोशिश की। घबराए आरोपियों ने उसे तत्काल चिकित्सक के यहां ले जाकर टांके लगवाए। इसके बाद वह उसे लेकर मुजफ्फरनगर आ गए। 15 फरवरी की रात नईमंडी कोतवाली में पत्नी संजू देवी ने गले पर जख्म देखकर पूछा तो मैैने ललितपुर डैम पर नाव में गिरकर चोट लगने की वजह बता दी।
कोर्ट में अक्षय के बयान दर्ज हुए
मुजफ्फरनगर। महिमा विश्वकर्मा आत्महत्या प्रकरण में दबंगों के कई साथी भी क्राइम ब्रांच के रडार पर हैं। पुलिस को उनकी भी तलाश है। यह वे लोग
हैं, जिन्होंने अंकित विहार में जाकर पीड़िता मां संजू देवी और बेटी महिमा को बेइज्जत करने की धमकी दी थी। महिमा के पिता देव प्रकाश के बयानों के विरोधाभास की भी जांच हो रही है। शुक्रवार को कोर्ट में विवेचक विपिन कुमार ने महिमा के भाई अक्षय के 164 के बयान कराए हैं।