मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए अप्रैल माह के प्रथम दिन जनपद में अधिकतर ठेकों को हाईवे किनारे से दूर कर दिया गया है। जगह की व्यवस्था नहीं हो पाई, उनके ठेके पूरे दिन बंद रहे। देहरादून और पानीपत-खटीमा हाईवे पूरी तरह से ठेकों से मुक्त हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश किए हैं कि एक अप्रैल के बाद किसी भी नेशनल हाईवे पर शराब के ठेके नहीं खुलेंगे। इसके लिए उन्हें हाईवे से 500 मीटर भीतर जाने के आदेश दिए गए हैं। आदेश के पालन के लिए कई दिनों से ठेका स्वामी अपनी दुकानों को स्थानांतरित करने में जुटे थे। आबकारी निरीक्षक अवधेश मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेशों की परिधि में जनपद के 114 ठेेके आ रहे थे। ये सभी ठेके पानीपत-खटीमा और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर पड़ते हैं।
दोनों हाईवों पर अब शराब को कोई ठेका नहीं रह गया है, जिनमें से 51 ठेकों के स्वामियों ने हाईवे छोड़कर 500 मीटर भीतर दुकान खोल ली है। 63 ठेके वाले अभी जगह की व्यवस्था नहीं कर पाए, जिसके चलते ये पूरे दिन बंद रहे। उधर, पुरकाजी में देसी, अंग्रेजी और बीयर सहित पांच ठेके हैं, जो कि पूरे दिन खुले रहे। इनके बारे में बताया गया कि पुरकाजी का हाईवे अब बाईपास को माना गया है। जिस कारण अंदर के ठेके खुल सकते हैं। तितावी और शहर के भीतर कई ठेके सुबह से ही बंद मिले।