नगर पंचायत की टीम बैरंग लौटी
जानसठ। कस्बे के बीच में पड़ी करोड़ों रुपयों की लागत की जमीन पर नगर पंचायत द्वारा अपना हक जताते हुए नगर पंचायत कर्मचारी अपने साथ राजस्व टीम के साथ कब्जा करने का बोर्ड लगाने पहुंचे। बोर्ड लगाते हुए कुछ लोगों ने विरोध करते हुए बोर्ड नहीं लगने दिया। नगर पंचायत कर्मचारियों व राजस्व टीम को बिना बोर्ड लगाए ही लौटना पड़ा।
नगर पंचायत के एक सभासद ने करोड़ों रुपये की बंजर भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करते हुए जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी। बुधवार को राजस्व टीम ने खसरा नंबर 468/5 रकबा 0.3070 में से 2000 वर्ग गज जमीन को चिह्नित कर इसकी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंप दी थी। तहसीलदार ने राजस्व रिपोर्ट के आधार पर जमीन को चिह्नित कर नगर पंचायत को जमीन पर कब्जा लेने के आदेश दिए थे। शनिवार को राजस्व टीम में कानूनगो शमशाद अली, लेखपाल इंद्रेश कुमार गुप्ता व नगर पंचायत क्लर्क मोहम्मद इरफान दर्जनों नगर पंचायत कर्मचारियों को साथ लेकर जमीन पर कब्जा लेने के लिए बोर्ड लगाने पहुंचे। नगर पंचायत कर्मचारियों ने बोर्ड लगाना शुरू कर दिया। इसी दौरान कस्बा निवासी हाजी अब्दुल सलाम, अनिल आर्य मौके पहुंचे। इन लोगों ने इस जमीन को बैनामा से खरीदी हुई बताते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा होता देख राजस्व टीम व नगर पंचायत कर्मचारी बिना बोर्ड लगाए ही वापस लौट गए। दोनों पक्ष तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी के पास गए। तहसीलदार ने दोनों पक्षों को सोमवार को अपने अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा है। तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी ने बताया कि 468/5 में बंजर भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। इस पर किसी भी व्यक्ति को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा। भूमि को चिन्हित कराकर भूमि को नगर पंचायत को सौंप दी जाएगी।