हत्याभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली के गांव खांजापुर में हुए सपेरे जगरुपनाथ के हत्यारों का दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन खाली हाथ लौट आई। हरियाणा गई टीम भी हत्याकांड से संबंधित जांच-पड़ताल करने गई है। पुलिस को शक है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश है। इस वजह से वारदात अंजाम दी गई है।
सिरसा (हरियाणा) के गांव मोरीवाला निवासी जगरुपनाथ और बलवंतनाथ अपने 10-15 सदस्यों के साथ जगह-जगह डेरा डालकर दंत मंजन, सूरमा और अन्य वस्तुएं बेचने का कार्य करते हैं। हाल ही में सपेरों का यह दल कोतवाली के गांव खांजापुर में डेरा डालकर रह रहा था। शुक्रवार रात को बदमाशों ने डेरे पर हमला कर मारपीट की। बदमाशों के हमले में डेेरे के मुख्य सदस्य जगरुपनाथ की मौत हो गई थी। जबकि उसका पुत्र सुखबीरनाथ मेरठ में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है। वारदात के दूसरे दिन भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। सेपेर के हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिल सका। हरियाणा गई टीम भी रविवार को नहीं लौट सकी है। यह टीम सपेरों के परिजनों, परिचितों से जानकारी लेने गई है। पुलिस ने जिले के कई संदिग्ध लोगों को वारदात को लेकर रडार पर रखा है। कई जगह दबिश देकर छानबीन की गई, मगर पुलिस अभी खाली हाथ दौड़ रही है। पुलिस ने कहा कि हत्याभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इस मामले में किसी दोषी को बख्शेगी नहीं। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की जांच के बाद ही वारदात का कारण स्पष्ट होगा।