बेहट (सहारनपुर)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भले ही सहारनपुर जनपद में खनन और खनिज के परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगा रखी हो, लेकिन बेहट क्षेत्र में एनजीटी द्वारा लगाया प्रतिबंध लागू नहीं हो रहा। यहां धड़ल्ले से अवैध खनन भी हो रहा है और खनिज का परिवहन भी। दिन रात सड़कों पर अवैध खनिज से भरे वाहन दौड़ रहे हैं। यहां सरकारी निर्माण कार्य की आड़ में अवैध खनन का यह खेल खेला जा रहा है।
भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रदेश में अवैध खनन को लेकर सख्ती भी हुई, लेकिन बेहट क्षेत्र में सरकार की सख्ती का भी कोई असर देखने को नहीं मिला और अवैध खनन एवं खनिज परिवहन जारी रहा। पिछले प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने खुद यमुना नदी में पहुंचकर अवैध खनन होते पकड़ा था, जिसकी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंची थी। इस मामले में तत्कालीन बेहट कोतवाली प्रभारी वेदप्रकाश गिरि समेत कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी थी।
इतना होने के बावजूद भी पुलिस अवैध खनन और खनिज के परिवहन को रोकने में विफल साबित हो रही है। यहां तक कि अब अवैध खनन एवं खनिज के परिवहन खेल सरकारी निर्माण कार्य की आड़ में खेला जा रहा है।
खनिज से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रालियां छोड़ी
एंटी रोमियो दल में तैनात पुलिसकर्मियों ने शनिवार को बिजलीघर के पास खनिज से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रालियां पकड़ी थी, जिन्हें किसी प्रभावशाली व्यक्ति का नाम आने पर छोड़ दिया गया।
खनिज से भरी ट्रैक्टर-ट्राली को सीज किया
कोतवाली पुलिस ने रविवार को खनिज से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ने के बाद सीज कर दिया। पकड़े गए चालक शमशाद पुत्र यासीन निवासी गांव ढाबा थाना मिर्जापुर ने पूछताछ में खुलासा कि उसकी पांच ट्रैक्टर-ट्रालियां खनिज का परिवहन कर रही है, जो पीछे आ रही है। पुलिस ने उनकी तलाश कराई, लेकिन वे हाथ नहीं लग सकी।
अवैध खनन और खनिज के परिवहन को लेकर पुलिस गंभीर है। एंटी रोमियो दल में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध खनिज से भरी तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों को छोड़े जाने के मामले का संज्ञान लिया गया है। इसकी जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एमपी सिंह, कोतवाली प्रभारी।