जानलेवा हमले के मामले में चार साल की सजा
देवबंद (सहारनपुर)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन की अदालत ने घर में घुसकर जान से मारने की नीयत से हमला करने के मामले में एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे चार वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवीदयाल शर्मा ने बताया कि 26 सितंबर 2015 को सांपला खत्री गांव में बच्चों में क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद में अभियुक्त खुरशैद पुत्र यासीन ने पीडित पक्ष पर जान से मारने की नीयत से घेर में घुसकर तमंचे से गोली चलाकर घायल कर दिया था। इस मामले में अतीक अहमद की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी खुरशैद अहमद को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद करते हुए उसे जेल भेज दिया था। देवी दयाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. राकेश कुमार नैन ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद खुरशैद को घर में घुसकर जान से मारने की नीयत से हमला करने का दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं अवैध रुप से तमंचे रखने के अपराध में धारा 25 आयुध अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। दोनों मामलों में अर्थदंड अदा न करने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है। देवी दयाल शर्मा ने बताया कि दूसरे आरोपी द्वारा स्वयं को घटना के समय नाबालिग बताए जाने के कारण उसकी पत्रावली पृथक करके अग्रिम कार्रवाई के लिए बाल न्यायालय सहारनपुर को भेजने के आदेश अदालत ने दिए हैं।