एडीजे प्रथम की कोर्ट ने दूध कारोबारी की हत्या के मामले में हत्याभियुक्त को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से तीस हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे। दूध कारोबारी अनवर की करीब नौ वर्ष पूर्व रंजिशन हत्या कर दी गई थी, तब से यह मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
कांधला थाने पर डांगरोल निवासी अजमल पुत्र शमशू ने चार अक्टूबर 2009 को गांव के ही मनेंद्र उर्फ मोनू पुत्र दिलावर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें बताया गया था कि गांव डांगरोल निवासी अनवर दूध का व्यापार करता था, जो डांगरोल से दूध ले जाकर कांधला में जयप्रकाश हलवाई को सप्लाई करता था। उसी दौरान गांव के ही हरेंद्र ने गांव में दूध डेयरी खोल ली। हरेंद्र के भाई मनेंद्र ने अनवर से दूध कांधला के बजाए उसके भाई हरेंद्र की डेयरी पर देने की बात कही थी। इससे अनवर ने इंकार कर दिया। इसी रंजिश में चार अक्टूबर 2009 की सुबह करीब पौने पांच बजे अनवर दूध निकालने के लिए जा रहा था। इसी दौरान अनवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कांधला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी मनेंद्र को हत्या में प्रयुक्त तमंचे समेत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या-1 में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने अदालत में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए हत्याभियुक्त मनेंद्र को हत्या का दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा तथा 25 आर्म्स एक्ट में तीन वर्ष की सजा, दस हजार रुपये और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम में से 30 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिया जाएगा।