अविवाहित महिला बंदी के बच्ची को जन्म देने के बाद परिजनों ने उससे बात करना बंद कर दिया। पीड़िता ने फोन पर प्रेमी से बात की तो नंबर अफसरों ने शक के चलते ट्रैस कर लिया। नंबर 50 हजार के ईनामी शातिर का निकला, जिसे पुलिस एक साल से तलाश रही थी। वह कुछ घंटों के भीतर एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।
कारागार में बंद अविवाहित महिला बंदी ने रविवार को जिला चिकित्सालय में एक बच्ची को जन्म दिया था। छह घंटे बाद ही बच्ची की मौत हो गई थी। मामले की जानकारी देने के लिए जेल कर्मचारियों ने महिला बंदी के परिजनों को मामले की जानकारी दी तो उन्होंने उससे बात करने और अस्पताल आने सेे इंकार कर दिया। परेशान पीड़िता ने अफसरों को अपने प्रेमी का नंबर दिया। प्रेमी ने भी आने से इंकार कर दिया और फोन बंद कर लिया।
अफसरों को शक हुआ तो नंबर पुलिस को दिया गया। नंबर इनामी बदमाश का निकला। पुलिस अफसरों ने मामले का संज्ञान लिया और नंबर ट्रैस किया तो आरोपी की लोकेशन वहलना चौक के आसपास निकली। एसटीएफ ने छापा मारा तो आरोपी टीम के हत्थे चढ़ गया। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लिखा-पढ़ी कर उसे जेल भेज दिया। पकड़े गए शातिर पर संगीन धाराओं के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।