हत्या और फरारी में वारंट तामील
मुजफ्फरनगर। शूटर और 50 हजार के इनामी रहे शातिर शाहरुख पठान की कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेशी हुई। शहर कोतवाली पुलिस ने मर्डर और सिविल लाइन पुलिस ने कस्टडी हिरासत से फरारी के मामलों में उसके वारंट तामील कराए। बाद में उसे भारी सुरक्षा के बीच वापस हरिद्वार जेल ले जाया गया।
शहर कोतवाली के खालापार निवासी शाहरुख पठान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसने अपने साथी आसिफ जायदा की रेलवे स्टेशन पर पुलिस अभिरक्षा में हत्या कर दी थी। सिविल लाइन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, उसे यहां से हरदोई जेल भेजा था। हरदोई पुलिस गत वर्ष उसे यहां कोर्ट में पेश करने लाई थी। वापसी में वह रेलवे रोड पर पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। इसके बाद इसी वर्ष शहर कोतवाली में हुई आसिफ जायदा के पिता यासीन की हत्या में भी उसको नामजद किया गया था। इन मामलों में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 9 नवंबर को उसे उत्तराखंड की एसटीएफ टीम ने देहरादून से गिरफ्तार किया था, जो आजकल हरिद्वार जेल में बंद है। उत्तराखंड और यूपी में उस पर अनेक मुकदमे हैं। शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उसे यहां लाकर कोर्ट में पेश किया। शहर कोतवाली पुलिस ने यासीन हत्याकांड और सिविल लाइन पुलिस ने पुलिस कस्टडी से फरार होने के मामलों में उसके वारंट तामील कराए। कोर्ट में पेशी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में फिर से हरिद्वार जेल ले जाया गया।