अम्मी को मार दिया, अब हमारा क्या होगा
मुजफ्फरनगर। मल्हूपुरा के जिस मकान में नौशाद परिवार के साथ रह रहा था, वह उसके रिश्तेदार हैं। नौशाद के साथ ही सितारा की मौसी बिलकिश भी रहती है। बिलकिश को कोई औलाद नहीं है, इसी को लेकर नौशाद के बच्चों, परिवार से उसे लगाव हो गया। दो मिनट में हंसती खेलती जिंदगी का अंत हो गया। मासूम पांचों बच्चे सवाल कर रहे हैं, पापा अम्मी को मार दिया, अब हमारा क्या होगा।
पांच बच्चों में सबसे बड़ी बेटी मुस्कान 13 साल की है। छोटा भाई जैद और बाकी बहनें भी कम उम्र हैं। सना, हिब्जा, मन्नो को तो मालूम ही नहीं है, उनके साथ क्या हुआ है। इतना जरूर बोलीं कि पापा ने मां के पेट में चाकू मारे हैं। इस कत्ल में कोई नहीं, उनका पिता ही गुनहगार बना है। मां के कत्ल का गवाह बेटा जैद हत्याकांड को देखकर भयभीत है। कहता है कि पापा सुबह 10 बजे घर से गए थे, जो दोपहर को लौट आए। अम्मी ने पूछा क्या खाया है, तो बताया कि पैर की दवाई है।
अम्मी ने सही से बताने के लिए कहा तो चाकू निकाल कर पेट में घोंप दिया। एक-एक कर कई वार किए। मरणासन्न सितारा आखिर वक्त तक अपना कसूर पूछती रही, लेकिन नौशाद को रहम नहीं आया। बच्चों की सिसकियां और छलकते आंसू मां की मौत का गम बच्चों के चेहरों पर साफ जाहिर कर रहे हैं। हर पल एक ही सवाल कर रहा है कि पापा अम्मी को तो मार दिया, अब हमारा क्या होगा। हम किसके सहारे रहेंगे। मौसी बिलकिश का भी रो-रो कर बुरा हाल है। पांचों बहन-भाई तस्मिया स्कूल में पढ़ते हैं।
छह माह की उम्र में आरोपी के मां की हो गई थी मौत
मुजफ्फरनगर। छह माह की उम्र में ही नौशाद के सिर से बीमारी ने मां जाहिदा का साया छीन लिया था। पिता सिराज ने दूसरा निकाह किया। अब उसके पिता और अन्य सौतेले भाई कहां रहते हैं, इसकी कोई जानकारी नहीं है।