विवाद पर विराम लगाने की कोशिश
रतनपुरी/खतौली। (मुजफ्फरनगर) गांव भूपखेड़ी में ठाकुर और दलित समाज के लोगों के बीच चले आ रहे विवाद को समाप्त करने की कोशिश की गई। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि दोनों में से किसी का भी एक-दूसरे के बिना काम चलने वाला नहीं है। दोनों समाज के लिए फैसला ही एक मात्र विकल्प है। यह आपसी मनमुटाव जल्द समाप्त होना चाहिए, ताकि गांव पर लगा जातीय संघर्ष का कलंक हमेशा के लिए मिट जाए।
रविवार को संत रविदास आश्रम में आयोजित पंचायत में ठाकुर चौबीसी के कई गांवों से ठाकुर पक्ष के लोग, भूपखेड़ी और मुजाहिदपुर से दलित समाज के भी लोग उपस्थित हुए। पंचायत में वक्ताओं ने दोनों समाज के लोगों से गांव में शांति व्यवस्था स्थापित करने की अपील की। सभी ने एक स्वर में दोनों पक्ष के लोगों से फैसला करने की पुरजोर सफल कोशिश करने पर जोर दिया। फैसले की बात को लेकर दलित समाज के लोगों ने सोचने व समझने के लिए सोमवार तक का समय पंचायत से मांगा। इस पर पंचायत ने दलित समाज के लोगों को सोमवार तक का समय दिया है। दोनों समाज के लोगों ने कहा कि ठाकुर और दलित समाज के लोग एक दूसरे के पूरक है और रहेंगे। दोनों में से किसी का भी एक दूसरे के बिना काम चलने वाला नहीं है। आपसी मनमुटाव जल्द समाप्त होना चाहिए, ताकि गांव पर लगा जातीय संघर्ष का कलंक हमेशा के लिए मिट जाए। पंचायत में कोमल सोम, पूर्व प्रधान रविंद्र सोम, अनुज प्रधान, तेजपाल मास्टर, राकेश छिद्दा, अशोक फौजी, गांव सलावा से बिल्लू, सुभाष, जयपाल मास्टर, खड़क सिंह, गांव रतनपुरी से रिछपाल सिंह, बिजेंद्र सोम, विक्रम सिंह, तरसपाल सिंह, दाताराम, गंगाराम सिंह, शिवकुमार प्रधानए, गांव मुजाहिदपुर से यशपाल सिंह, सुभाषचंद, सुरेंद्र सिंह, गांव रार्धना से बबलू सिंह, ज्ञान सिंह, डा. जन्मसिंह, बंटी सिंह, गांव समौली से जबर सिंह, विजय सिंह, डा. सतेन्द्र, संजय सिंह, सुनील प्रधान, रोहिताश, रामपाल सिंह, सतपाल सिंह, और दलित समाज से एडवोकेट रामकुमार, रामचन्द्र, मंगली, रामे, शीशपाल, हरीचंद, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।