मुजफ्फरनगर। किदवईनगर निवासी महिला गृहक्लेश के चलते दो बच्चियों को साथ लेकर शामली रोड स्थित पर्दाफाश मोती झील में कूद गई। राहगीरों ने किसी तरह महिला व एक छोटी बच्ची को सकुशल निकाल लिया, जबकि बड़ी बेटी की पानी में डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने इत्तेफाकिया घटना की तहरीर देकर किसी भी तरह की पुलिस कार्रवाई से इंकार किया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला किदवईनगर निवासी युवक चश्मे बनाकर बेचने का काम करता है। उसके परिवार में पत्नी के साथ दो बच्चियां क्रमश: आठ व चार साल की हैं। शनिवार की रात युवक का पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। रविवार की सुबह भी दोनों के बीच विवाद जारी रहा। इससे क्षुब्ध होकर युवक की पत्नी अपनी दोनों बेटियों को साथ लेकर घर से निकल गई और सीधे शामली रोड स्थित पर्दाफाश मोती झील पर जा पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला पहले तो काफी देर इधर-उधर टहलती रही, फिर एकाएक सड़क से नीचे उतरकर मोती झील के किनारे जा पहुंची और दोनों बच्चियों का हाथ थामकर छलांग लगा दी। इस देख वहां मौजूद कुछ लोग शोर मचाकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह महिला व चार साल की बच्ची को बाहर निकाल लिया। मगर, महिला की आठ साल की बड़ी बेटी गहरे पानी में समा गई।
घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली अनिल कपरवान व एसएसआई अक्षय शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महिला व बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल भेजकर उपचार दिलाया। इसके बाद गोताखोरों को बुलवाकर नहर में डूबी बच्ची की तलाश कराई। काफी देर बाद बच्ची का शव मिल गया। इसके बाद अफसरों ने जिला अस्पताल पहुंचकर महिला से बात की और उसके पति को घटना से अवगत कराया। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि महिला के पति ने बच्ची का पैर फिसलने से झील में गिरने की इत्तेफाकिया हादसे की तहरीर देते हुए किसी तरह की कार्रवाई से इंकार कर दिया। इससे बच्ची के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
सुसाइड प्वाइंट बनी मोती झील
मुजफ्फरनगर। शहर के शामली रोड स्थित मोती झील पर्दाफाश के रूप में जानी जाती है। इसकी गहराई का आज तक सटीक आंकलन नहीं हो सका है। इस झील में कूदकर सुसाइड करने की घटनाएं पिछले कुछ समय से बढ़ी है। हाल ही में दो लोग इस झील में कूदकर जान दे चुके है, जबकि गत कुछ वर्षों में इसमें कूदकर जान देने वालों का आंकड़ा हैरत में डालने वाला है। क्षेत्र के लोगों ने मोती झील पर बाउंड्री या ऐसी ही कोई सुरक्षात्मक बाड़ लगवाने की मांग प्रशासन से की है।