बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। गांव उमरपुर में तीन बच्चों संग आत्मदाह करने वाली नसीमा काफी समय से अकेलेपन और धनाभाव से जूझते हुए मानसिक तनाव में थी। इसे लेकर नसीमा की पति से भी अनबन चलती रहती थी। माना जा रहा है कि इसी से आजिज आकर उसने शुक्रवार दोपहर खौफनाक कदम उठा लिया, जिससे उसके तीन बच्चों की जान चली गई और वह खुद जिंदगी के लिए मौत से जूझ रही है।
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव उमरपुर निवासी जब्बार पुत्र सत्तार काफी समय से जीविकोपार्जन के लिए गुजरात के अहमदाबाद में रहते हुए वहां कपड़ा फेरी का काम करता है। घर पर उसकी पत्नी नसीमा अपने चार बच्चों के साथ रहती थी, जबकि उसकी सास बिलकिस व ससुर सत्तार अलग मकान में रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब्बार अलग रहने के बावजूद नसीमा व चारों बच्चों के घर खर्च के लिए काफी कम रुपये भेजता था, जिससे नसीमा धनाभाव से जूझते हुए मानसिक तनाव में भी रहने लगी थी। इसके अलावा, दोनों के बीच किसी न किसी बात को लेकर मोबाइल पर बात करते हुए अनबन भी होती रहती थी। माना जा रहा है कि शुक्रवार को भी दोनों के बीच कोई बात हुई हो, जिसके बाद नसीमा ने खौफनाक कदम उठाया।
दादा-दादी के पास होने से बच गया अर्श
बुढ़ाना। गांव उमरपुर निवासी जब्बार की पत्नी नसीमा घर पर चार बच्चों के साथ रहती थी। इनमें से शुक्रवार सुबह ही सास बिलकिस व ससुर सत्तार सबसे छोटे बेटे अर्श (01) को अपने साथ खेत पर ले गए थे। अन्य तीनों बच्चे अनस, आयशा व ईरा घर के बाहर गली में खेल रहे थे, जिन्हें नसीमा ने घर में बुलाने के बाद घटना को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि जिस तरह नसीमा ने तीनों बच्चों को घर के बाहर से बुलाकर आत्मदाह किया, उससे साफ है कि यदि एक साल का मासूम अर्श उसके पास होता तो उसे भी जान गंवानी पड़ जाती। वहीं, ग्रामीणों ने घटना की सूचना देने के बावजूद एंबुलेंस करीब एक घंटे बाद पहुंचने की शिकायत की। कहा कि यदि एंबुलेंस समय से पहुंच जाती तो शायद तीनों बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।
सीओ बुढ़ाना विजय प्रकाश का कहना है कि जब्बार व नसीमा के बीच कुछ समय से मनमुटाव चल रहा था। इसके कारण नसीमा तनाव में थी, जिसके चलते उसने बच्चों सहित खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह किया। घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई है, जबकि महिला को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।