मंसूरपुर (खतौली)। गांव नावला में मोहनलाल उर्फ मोनू के सीने में हत्यारों ने चाकुओं से जब तक प्रहार किए, तब तक उसकी आखिरी सांस तक नहीं निकली। हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव को हिलाढुला भी देखा, कहीं अभी तक सांस तो बाकी नहीं बची है। हत्यारोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने एक हत्यारोपी की निशानदेही पर गन्ने के खेत से आला कत्ल भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।
गांव नावला में दलित सोहनलाल पुत्र ईश्वर की हत्या को लेकर पूरा परिवार गम में डूबा हुआ है। मामूली कहासुनी के बाद सोहनलाल की हत्या कर देने को लेकर ग्रामीण भी सकते में हैं। इंस्पेक्टर केपीएस चाहल ने बताया कि पांच नवंबर को दोनों पक्षों के बीच गाली गलौच को लेकर कहासुनी हो गई थी। उसी दिन गांव निवासी जगपाल व उसके दोनों पुत्रों राहुल व सौरभ ने सोहनलाल की हत्या करने की ठान ली थी। इन्होंने हत्या करने की साजिश में गांव कूकड़ा के कल्लू को भी शामिल किया। दीपावली की रात में ये लोग सोहनलाल को घर से बुलाकर अपने साथ जंगल में ले गए। जहां पर इन लोगों ने गन्ने के खेत में सोहनलाल से सीने में चाकुओं से तब तक प्रहार किया, जब तक उसकी आखिरी सांस तक नहीं निकली। मृतक के परिजनों को भी अहसास नहीं था कि गांव के रहने वाले मामूली कहासुनी में सोहनलाल की हत्या कर दी जाएगी। सीओ डा. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सौरभ की निशानदेही पर गन्ने के खेत के अंदर से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। तीनों नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। फरार कल्लू को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम लगी हुई है।
मृतक परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे प्रमोद कुमार
मंसूरपुर। गांव नावला में शुक्रवार को मृतक मोहनलाल के शोकाकुल परिवार के घर आंदोलन जन कल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और घटना के बारे में पूछताछ की। उन्होंने पीड़ित परिजनों को आश्वासन दिया कि हत्याकांड करने की साजिश में जो शामिल होगा, उसको जेल भिजवाया जाएगा। इनके अलावा पीड़ित परिजनों को सांत्वना देने वाले ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है। मृतक के परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।