मुजफ्फरनगर। इलेक्ट्रानिक फास्ट टैग लगाने में अवैध वसूूली को लेकर ट्रक मालिकों और चालकों ने ट्रांसपोर्ट नगर में जमकर हंगामा किया। पुलिस ने एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया, जिसे बाद में समझौता होने पर छोड़ दिया गया। उधर, वाणिज्य कर विभाग ने फास्ट टैग को जब्त कर लिया है।
जीएसटी के तहत टैक्स चोरी रोकने के लिए वाणिज्यकर विभाग द्वारा ट्रक व अन्य बड़े माल ढोने वाले वाहनों पर बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रानिक फास्ट टैग लगाए जाने का काम किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को ट्रांसपोर्ट नगर में कुछ लोगों द्वारा ट्रकों पर फास्ट टैग लगाने का काम किया जा रहा था। आरोप है कि कर्मचारियों द्वारा टैग लगाने के लिए निर्धारित की गई एक सौ रुपये शुल्क के बजाए 500 रुपये प्रति वाहन वसूला जा रहा था। इस पर ट्रक चालकों व मालिकों ने विरोध किया, जिसे लेकर टैग लगा रहे कर्मचारियों की कहासुनी हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने फास्ट टैग लगा रहे एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचा दिया। ू
छताछ में टैग लगा रहे कर्मचारी जनपद रामपुर के पाए गए, जो यहां टैग लगाने के लिए अधिकृत ही नहीं थी। इस पर वाणिज्य कर विभाग की टीम भी थाने पहुंच गई। वहां घंटों की गहमागहमी के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया, जिसके बाद पुलिस ने हिरासत में लिए गए कर्मचारी को तो चेतावनी देकर छोड़ दिया, लेकिन वाणिज्य कर विभाग द्वारा उक्त कर्मचारी के पास मौजूद सभी फास्ट टैग जब्त कर लिए। वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर शरद शुक्ला ने बताया कि जनपद रामपुर के कुछ लोग जबरन ट्रकों पर फास्ट टैग लगाकर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली कर रहे थे, जबकि वे यहां टैग लगाने के लिए अधिकृत भी नहीं थे। आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है, लेकिन उनके टैग जब्त कर लिए गए हैं।