दुष्कर्म के मामले में दरोगा पर खेल करने का लगा आरोप
मुजफ्फरनगर। जिले के एक गांव की किशोरी को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में पीड़ित परिजनों ने थाने के एक एसआई पर बयान दर्ज करने में खेल करने का आरोप लगाया है। एसपी सिटी ने सीओ सिटी को मामले की जांच सौंपी है। पीड़ित किशोरी ने बाद में जहर खा लिया था, जिसकी मेरठ के एक हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले में सैनिक व उसके एक दोस्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी ग्रामीण की नाबालिग बेटी के मोबाइल पर मिस कॉल के जरिये मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र निवासी से प्रेम संबंध बन गए थे। जौनी आईटीबीपी में कार्यरत था और शिमला के जीडी ऑफिस में तैनात था। आरोप है कि जौनी ने अवकाश पर आने के बाद किशोरी को शादी करने का झांसा देकर शहर के कच्ची सड़क स्थित एक मकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस दौरान किशोरी की क्लिप भी बनाए जाने की बात सामने आई थी, जिसके आधार पर आरोपी उसे ब्लैकमेल करने लगा था। शादी के नाम पर फौजी द्वारा किए जा रहे शारीरिक शोषण से आहत होकर किशोरी ने छह जुलाई को जहर खा लिया था, जिसकी मेरठ के हॉस्पिटल में उपचार के दौरान सात जुलाई को मौत हो गई थी। किशोरी की आत्महत्या के एक हफ्ते बाद उसकी वजह सामने आई थी, जिस पर पीड़ित परिजनों ने जौनी व उसके एक दोस्त के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी जौनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में बृहस्पतिवार को किशोरी के परिजन एसपी सिटी ओमवीर सिंह से मिले और विवेचक एसआई पर परिजनों के बयान दर्ज करने में बड़ा खेल करने का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार विवेचक ने उनसे मिले बिना ही मनमर्जी से परिजनों के बयानों की लिखापढ़ी कर विवेचना में शामिल कर लिया, जबकि उनसे इस संबंध में किसी तरह की बात नहीं की गई। परिजनों ने विवेचक पर आरोपी पक्ष से साठगांठ करने का भी आरोप लगाया। एसपी सिटी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सिटी हरीश भदौरिया को इसकी जांच सौंपते हुए पीड़ित परिजनों को निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया है।