पुरकाजी। ग्राम हरिनगर में हुए हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस उलझकर रह गई है। पुलिस मुकदमे में नामजद आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना को आत्महत्या मानकर चल रही है।
पांच जनवरी की सवेरे थाना क्षेत्र के ग्राम हरिनगर निवासी आदेश कश्यप का शव उसके घर के निकट ही एक खेत में लटका मिला था। पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर गांव के ही एक परिवार के चार लोगों सहित सात लोगों के विरुद्ध हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर नामजद आरोपियों में से एक युवती व उसके भाई को हिरासत में लिया था। बाद में युवती को छोड़ दिया था। मंगलवार को पुलिस ने नामजद एक ही परिवार के चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस काफी प्रयास के बावजूद घटना का खुलासा नहीं कर पा रही है। इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह का कहना है कि मृतक के गले पर जो निशान मिले हैं, उससे मामला आत्महत्या का लग रहा है। आरोपियों से सख्ती के साथ पूछताछ करने के बावजूद हत्या के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
कॉलोनी के रास्ते का विवाद गहराया
पुरकाजी। कस्बे में बनी एक कॉलोनी के रास्ते को बंद करने को लेकर दो पक्षों में विवाद गहरा गया है। एक पक्ष ने पुलिस से मिलकर रास्ता खुलवाने की मांग की है।
कस्बे के बाहरी छोर पर कुछ समय पूर्व एक कॉलोनी बनाई गई थी, जिसका जंगल में जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया था। निकट ही एक कालोनी में रहने वाले लोगों इसका विरोध कर रहे हैं। मामले के तूल पकड़ लेने पर पुलिस और तहसील कर्मियों ने दोनों पक्षों में वार्ता कराकर रास्ता खुलवा दिया था। उसी रास्ते को दोबारा बंद कर देने को लेकर मंगलवार को वाल्मीकि समाज के दर्जनों लोग थाने पहुंचे और पुलिस से रास्ता खुलवाने की मांग की। पुलिस ने मौके पर जाकर रास्ते की जांच कर कालोनी स्वामी से वार्ता कर रास्ते को लेकर आ रही समस्या का समाधान निकालने को कहा है। पुलिस ने बताया कि लेखपाल को मौके पर बुलाकर नाप-तौल कराई जाएगी, जहां पर आम रास्ता होगा उसे खुलवाया जाएगा। इस दौरान पप्पन कांगड़ा, नीरज, सोमपाल, मेनपाल, राजेंद्र, सुरेंद्र अनिल, पदम, पवन आदि वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद रहे।