चरथावल (मुजफ्फरनगर)। शामली पुलिस के हाथों मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी बदमाश साबिर की शामली से सटे इलाके में काफी दहशत थी। तीन साल पहले सरेशाम मेन बाजार में सराफा कारोबारी का शोरूम लूटने आए मुकीम काला गैंग में साबिर का नाम भी प्रकाश में आया था। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने गोलियां बरसाकर दो व्यापारियों को घायल कर सनसनी फैलाई थी।
घटना के करीब एक साल बाद मुकीम के साथ एसटीएफ ने कैराना से उसे दबोचा था। मुकीम के साथ उसके शार्प शूटर साबिर की क्षेत्र के गांव कुल्हेड़ी में पनाहगाह थी। तीन साल पहले नवंबर 2014 को कस्बे में सतीश वर्मा ज्वैलर्स का शोरूम लूटने के लिए धावा बोल दिया था। सतीश के साथ पड़ोसी व्यापारी मनोज वर्मा के विरोध करने पर बदमाशों ने गोली मारकर दोनों को घायल कर दिया था। हमलावर बिना लूटपाट के बाद फरार हो गए थे। सीसीटीवी कैमरों में आरोपियों के चेहरे कैद हुए थे। मामले में कुल्हेड़ी के हफीज को गिरफ्तार कर मामले में मुकीम काला, साबिर और महताब काना के नामों का खुलासा हुआ था। मंगलवार देर रात शामली पुलिस द्वारा मुठभेड़ में एक लाख के इनामी साबिर को मौत के घाट उतारने की खबर पर व्यापारियों ने राहत महसूस की।