दुकान की रंजिश में की गई थी अंकित की हत्या
मुजफ्फरनगर। दुकान खाली कराने के बाद उपजी रंजिश में गांव के ही युवक ने दुकानदार अंकित की हत्या कराई थी। पुलिस ने हत्यारोपी तीनों युवकों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है। आरोपियों से दो तमंचे बरामद हुए हैं। हत्या में भाड़े के शूटरों को 50 हजार रुपये की नगदी देनी तय की गई थी। एसपी देहात ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर घटना के खुलासे की जानकारी दी।
तितावी के बुडीना कलां गांव में 23 जून की रात दुकानदार अंकित पुत्र समय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या के खुलासे को लेकर धौलरी गेट पास से तीन आरोपियों आशू उर्फ आस मोहम्मद पुत्र यामीन, सूरज पुत्र शिवराज, निवासीगण करौंदा महाजन, फुगाना तथा मुख्य आरोपी सपन पुत्र सत्यपाल, निवासी बुडीना कलां को गिरफ्तार किया। पुलिस लाइन में एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि सूरज व आस मोहम्मद के पास से दो तमंचे बरामद हुए हैं। आरोपी सपन और अंकित के बीच एक वर्ष पूर्व दुकान को लेकर विवाद हो गया था। दुकान स्वामी ने सपन से दुकान खाली करा ली थी। इसी बात को लेकर दोनों में तनातनी थी। सपन ने गांव के ही दीपक पुत्र सवेंद्र और ललित पुत्र कृष्णपाल को अंकित को मारने के लिए 50 हजार रुपये तय किए थे। 25 हजार दीपक को दिए थे, इसी बीच दीपक हत्या के दूसरे मामले में जेल चला गया था। जानसठ के नूनीखेड़ा निवासी मनवीर पुत्र नरेंद्र, आस मोहम्मद, सूरत और चेतन ठाकुर को अंकित की हत्या के लिए भेजा गया था। हत्या के बाद पांच हजार रुपये ललित को दिए गए थे। बताया कि हत्या के सभी आरोपी शातिर बदमाश हैं और सभी पर अन्य थानों में संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
दो आरोपी गाजियाबाद पुलिस ने पकड़े
मुजफ्फरनगर। एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि हत्या में शामिल रहे ललित और मनवीर को गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार को वहीं से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना में कुल सात लोग शामिल रहे थे।