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फर्जी लिया गया था बुढ़ाना बैंक से लोन

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मुजफ्फरनगर। कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने वाले वृद्ध किसान धनप्रकाश के पौत्र अनुज त्यागी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2008 में पुरबालियान के पीएनबी से चार लाख रुपये का लोन लेकर ट्रैक्टर लिया था। अनुज का कहना है कि वर्ष 2009 में बैंक दलालों ने उनके बाबा धनप्रकाश के कागजात लगाकर बुढ़ाना के भूमि विकास बैंक से ट्रैक्टर खरीदने के नाम पर 6.50 लाख रुपये का एक फर्जी लोन निकलवा लिया, जो उन्होंने नहीं लिया। इसकी जानकारी तब मिली, जब कोई भी किस्त जमा नहीं होने पर बैंक अफसर उनके घर पहुंचे।
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परिजनों के अनुसार, बैंक अफसरों को सारे तथ्य दिखाते हुए उन्हें बैंक लोन नहीं लेने की जानकारी दी गई, लेकिन अफसर उन्हीं पर लोन चुकाने का दबाव बनाते रहे। इसके बाद से ही बाबा धनप्रकाश त्यागी बैंक के साथ ही प्रशासनिक अफसरों के भी चक्कर काट रहे थे, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अब किसान के नाम 40 लाख की रिकवरी काट दी गई, जिसकी बुढ़ाना तहसील से आरसी जारी कर दी गई थी। पौत्र अनुज त्यागी का कहना है कि तहसील बुढ़ाना के अधिकारियों को भी लोन फर्जी होने की जानकारी दी गई, लेकिन दो संग्रह अमीन नरेश त्यागी व सुुभाष द्वारा अब वृद्ध से सुविधा शुल्क की मांग करते हुए घर व जमीन नीलाम करने की धमकी दे रहे थे। आरोप है कि संग्रह अमीनों ने गांव के मंदिर के साथ ही गांव में कई स्थानों पर उनके संपत्ति नीलामी के नोटिस चस्पा कर दिए थे, जिसके बाद से वृद्ध धनप्रकाश त्यागी मानसिक तनाव में थे।

सुसाइड नोट को नकारते रहे अफसर
मुजफ्फरनगर। बैंक के कथित फर्जी लोन को लेकर आत्महत्या करने वाले वृद्ध किसान धनप्रकाश त्यागी की जेब से मिले सुसाइड नोट को अफसर नकारते रहे। वहीं, किसान की आरसी जारी होने को लेकर भी खतौली व बुढ़ाना तहसील के अफसर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। एसडीएम बुढ़ाना दीपक कुमार का कहना है कि उनके यहां से किसान के संबंध में किसी तरह की आरसी जारी नहीं की गई है। यह खतौली तहसील से जारी हुई हो सकती है। वहीं, खतौली एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि आरसी बुढ़ाना तहसील से जारी हुई है। उन्होंने कहा कि वृद्ध किसान ने बीमारी के चलते आत्महत्या की है। यदि उसने लोन रिकवरी की वजह से आत्महत्या की होती तो वह सुसाइड नोट छोड़कर जाता। दावा किया कि, उसके पास से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वहीं, तहसीलदार खतौली भगतसिंह का कहना है कि जांच के लिए तहसील से कानूनगो गुलजार को गांव सोंहजनी तगान भेजा गया है। उनके द्वारा लिए गए बयान में परिजनों ने जहर खाकर जान देने की बात कही है।
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