देर रात हुई पंचायत भी नहीं टाल सकी खूनी संघर्ष
भोपा। क्षेत्र के गांव बेहड़ा-थ्रू में कुरैशी व तेली समुदाय के लोगों में ईद की नमाज पढ़ने को लेकर काफी समय से विवाद चला आ रहा है। इस बाद ईद से पहले गांव के मौअज्जिज लोगों ने पहल करते हुए विवाद के निपटारे के लिए मंगलवार रात पंचायत बुलाई थी, जिसमें दोनों पक्षों के लोगों को शामिल किया गया।
घंटों चली पंचायत के बाद विवाद निपटारे के लिए इस बार गांव के बजाए किसी दूसरे गांव से मौलाना को बुलाकर उसके द्वारा नमाज अदा कराने की बात रखी गई, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हो गए। इसके बाद नमाज पढ़ाने के लिए गांव किशनपुर के मौलाना साजिद को बुलाने की बात तय हुई। हालांकि गांव में दोनों पक्षों के बीच हुई यह पंचायत भी खूनी संघर्ष को टालने में नाकाम रही और बुधवार सुबह निर्धारित समय से पहले ही एक पक्ष द्वारा मौलाना साजिद को बुलाकर नमाज पढ़ा देने को लेकर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। संघर्ष में दोनों तरफ से लाठी-डंडों के साथ ही धारदार हथियारों का भी खुला इस्तेमाल किया गया। संघर्ष के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति है। पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। एसडीएम जानसठ विजय कुमार ने बताया कि गांव में पूरी तरह से शांति है। शांति-सौहार्द्र बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और संघर्ष में शामिल रहे व खुराफाती लोगों की सूची बनवाई जा रही है। जांच में विवाद में शामिल पाए जाने वाले लोगों को मुचलका पाबंद भी किया जाएगा।
कुरैशी समाज की ओर से नफीस ने दी तहरीर
भोपा। गांव बेहड़ा-थ्रू में ईद की नमाज को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में बुधवार देर रात कुरैशी समाज की ओर से नफीस ने घटना की तहरीर दी है। नफीस पक्ष का कहना है कि तेली समाज के लोगों ने दूसरे गांव से मौलाना को बुलाकर निर्धारित समय से पहले ही नमाज पढ़वा दी। इसकी शिकायत करने पर धारदार हथियारों व लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। तहरीर में तेली पक्ष के छह लोगों को नामजद करने के साथ ही कई अज्ञात आरोपी दर्शाए गए हैं। उधर, संघर्ष में घायल हुए कफील उर्फ कपिल को गंभीर हालत में मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया है।