अभियुक्त को दस साल की कैद
मुजफ्फरनगर। शहर से सटे गांव में किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या के अभियुक्त को गैंगस्टर कोर्ट ने दस साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त दुष्कर्म व हत्या में पहले से जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है, जबकि दूसरे आरोपी की मौत हो चुकी है।
अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के शहर से सटे गांव में आठ जनवरी 2009 को दो युवकों ने खेत पर गई मां-बेटी पर हमला कर दिया था। बाद में किशोरी की लाश खेतों से लहूलुहान हालत में मिली थी, जिसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था, जबकि उसकी मां गंभीर हालत में घायल मिली थी। घटना की रिपोर्ट मोनू पुत्र राजेंद्र निवासी चांदपुर और पिंकू उर्फ विजय के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर नई मंडी गजेंद्र राठी ने दोनों आरोपियों को गैंगस्टर में भी निरुद्ध किया था। दुष्कर्म व हत्या के मामले में मोनू को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि दूसरे आरोपी पिंकू उर्फ विजय की सुनवाई के दौरान वर्ष 2012 में ही मौत हो चुकी है। आरोपी मोनू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा गैंगस्टर कोर्ट में न्यायाधीश रामसूद के समक्ष विचाराधीन था। गैंगस्टर कोर्ट में अभियोजन की ओर से पेश किए गए तथ्यों व गवाहों के बयान के आधार पर शनिवार को न्यायाधीश ने आरोपी मोनू को दस साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि मुकदमे के विवेचक राजेंद्र सिंह फिलहाल किसी मामले में लखनऊ जेल में बंद हैं, जिनकी गैंगस्टर कोर्ट में गवाही कराने के लिए एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी क्राइम आरबी चौरसिया द्वारा विशेष प्रयास किए गए। इसके बाद ही विवेचक की गवाही हुई, जिसमें कोर्ट ने आरोपी मोनू को दोषी करार दिया।