मुजफ्फरनगर। मोहित हत्याकांड में दस दिन के भीतर तीसरे आरोपी ने भी पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। दुस्साहसिक वारदात में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद सिविल थाना पुलिस की नींद नहीं टूटी, जिसका फायदा उठाकर 13 दिन के भीतर तीनों आरोपी जेल चले गए।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सरकुलर रोड स्थित रेशु विहार चौक पर विगत 17 मई की दोपहर सिखेड़ा क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी मोहित पुत्र दीपचंद की बाइक सवार तीन युवकों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। भीड़ के सामने हुई दुस्साहसिक हत्या में मोहित के पिता दीपचंद ने रोहित सांडू गैंग के सदस्यों गांव जड़ौदा निवासी पारस उर्फ मालू, आकाश और गांव लच्छेड़ा निवासी लविश उर्फ लंगड़ा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद थाना पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और हत्यारोपी एक-एक कर जेल जाते रहे। 25 मई को पुलिस को चकमा देकर लच्छेड़ा निवासी लविश उर्फ लंगड़ा कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया था, जबकि 29 मई को मुख्य हत्यारोपी पारस उर्फ मालू फरीदाबाद में चोरी करते पकड़ा गया। वहीं, बृहस्पतिवार को तीसरे हत्यारोपी जड़ौदा निवासी आकाश ने भी थाना पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। थाना पुलिस अब हत्यारोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने का दावा करते हुए फजीहत से बचने की कवायद में जुटी है।