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सूदखोरों से त्रस्त महिला ने ट्रेन से कटकर दी जान

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सूदखोरों से त्रस्त महिला ने ट्रेन से कटकर दी जान
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मुजफ्फरनगर। सूदखोरों की धमकी से आहत कांशीराम आवासीय कॉलोनी निवासी महिला बेटे समेत रेलवे ट्रैक पर जा बैठी। हादसे में महिला की ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जबकि उसका बेटा किसी तरह बच गया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दोनों सूदखोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कांशीराम आवासीय कॉलोनी निवासी पीयूष गुप्ता ने तहरीर देकर बताया कि उसकी मां अनुराधा गुप्ता (45) पत्नी प्रमोद गुप्ता ने कांशीराम कॉलोनी निवासी सूदखोर रामकिशन व खादरवाला निवासी अनिल तिवारी से करीब डेढ़ साल पूर्व पांच-पांच हजार रुपये ब्याज पर लिए थे, तभी से महिला दोनों को लगातार रुपये देती रही, लेकिन बीच में कुछ दिन भुगतान रुक गया। आरोप है कि 14 नवंबर को दोनों सूदखोरों ने अनुराधा के घर जाकर उसे पांच-पांच हजार रुपये बढ़कर एक लाख से अधिक हो जाने की बात कहते हुए बदसलूकी की। आरोपियों ने जल्द रुपये लौटाने अन्यथा जान से मारने की धमकी दे डाली। सूदखोरों की धमकी से अनुराधा गुप्ता दहशत में आ गई और शाम करीब चार बजे 14 वर्षीय बेटे रितिक के साथ आत्महत्या के लिए कॉलोनी के पीछे स्थित रेलवे ट्रैक पर जाकर बैठ गई। इसी दौरान किसी ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनोरोगी रितिक किसी तरह बच गया, लेकिन मां की आंखों के सामने मौत देखकर दहशत में आ गया और किसी को इस बारे में कुछ नहीं बताया। शाम के समय पीयूष काम से लौटा और मां को घर में न देख उसी रात सुजड़ू चौकी पुलिस को उनकी गुमशुदगी की तहरीर दी। पीड़ित के अनुसार देर रात करीब 12.30 बजे उसे मां के ट्रेन की चपेट में आने से मौत होने की जानकारी मिली, जिसके बाद आसपास के लोगों ने उसे दोनों सूदखोरों द्वारा की गई बदसलूकी व धमकी की जानकारी दी। पीड़ित ने अगले दिन दोनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए रामकिशन को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
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पति की मौत के बाद अनुराधा ही चला रही थी घर
मुजफ्फरनगर। मूल रूप से मोहल्ला खादरवाला निवासी अनुराधा गुप्ता करीब दस साल पूर्व पति प्रमोद की मौत के बाद खुद ही घरों में काम कर घर चला रही थी। अनुराधा के तीन बेटों में सबसे बड़ा तरुण हरिद्वार में काम करता है, जबकि पीयूष रुड़की रोड स्थित एक दुकान पर काम करता है। वहीं, बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि रितिक मनोरोगी है। अनुराधा की मौत के बाद परिवार में पीयूष व रितिक ही बचे हैं।
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