लापरवाही में कई बार बलि चढ़ चुके पुलिसकर्मी
मुजफ्फरनगर। जेल से बंदी या कैदी को पेशी पर कोर्ट या अन्यत्र जनपद में ले जाने अथवा मेडिकल के लिए लाने वाले पुलिसकर्मी मामूली लालच में पड़कर विभागीय कार्रवाई की जद में आ चुके हैं। कई बार मौके का फायदा उठाकर अपराधी पुलिसकर्मियों के चंगुल से छूटकर भागे हैं, जिसके चलते उन्हें निलंबन से लेकर एफआईआर दर्ज होने तक का सामना करना पड़ा।
जेल में बंद कैदी अथवा बंदियों द्वारा दिया जाने वाला सुविधाओं का मामूली लालच अक्सर पुलिसकर्मियों या जेलकर्मियों के लिए बड़ी आफत बन जाता है। स्थानीय अथवा अन्यत्र जिलों में पेशी पर ले जाए जाने के दौरान कैदी या बंदी के परिजन भी बहाने से उनके साथ हो लेते हैं, जिन्हें पुलिसकर्मी थोड़े से लालच के चलते मना भी नहीं कर पाते। इसके लिए कैदी या बंदी द्वारा उन्हें अच्छे-खासे होटल में लंच के साथ ही रात रुकने का भी लालच देते हैं, जिसका फायदा उठाकर वे फरार तक हो जाते हैं। जनपद में इसी तर्ज पर 50 हजार के इनामी रहे शातिर शाहरुख पठान के साथ ही पुरकाजी निवासी मुन्तलिब फरार हो चुके हैं। फरारी के चलते उन्हें लाने-ले जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई के साथ ही एफआईआर दर्ज होने तक की कार्रवाई अमल में लाई गई थी। दोनों ही शातिर अपराधियों ने कई महीने की फरारी के दौरान कई बड़ी वारदातों को भी अंजाम देने का प्रयास किया। इनमें से शाहरुख पठान को जहां देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वहीं, मुन्तलिब पचैंडा रोड पर हुई मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा था। इनके अलावा, भी कस्टडी से फरार होने वाले शातिरों की फेहरिस्त काफी लंबी है, लेकिन इसके बावजूद अपराधियों को पेशी पर लाने अथवा ले जाने में घोर लापरवाही बरती जाती है